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भास्कर न्यूज | सरायकेला जिले के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति और शिक्षकों की बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति लगातार कम मिलेगी, वहां संबंधित प्रधानाध्यापक, शिक्षक, क्षेत्रीय पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर वेतन निकासी भी रोकी जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षकों का वेतन केवल बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही भुगतान किया जाए। जून माह में निर्धारित मानकों के अनुरूप उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले शिक्षकों के विरुद्ध वेतन कटौती के निर्देश दिए गए। साथ ही बीईईओ, बीआरपी, सीआरपी को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण कर पठन-पाठन, मध्यान्ह भोजन, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, खेल सामग्री की व्यवस्था का अनुश्रवण करने को कहा गया। निर्धारित अवधि में निरीक्षण नहीं करने वाले बीआरपी और सीआरपी पर भी वेतन कटौती की कार्रवाई होगी। बैठक में पीएमश्री विद्यालयों में खरीदी गई सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच के बाद ही भुगतान करने, शेष विद्यार्थियों का आधार, जन्म प्रमाण-पत्र और बैंक खाता शीघ्र पूरा कराने तथा खेल-खेल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों और अनुशासन आधारित शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जिले के प्रत्येक छात्रों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक अमित कुमार सहित सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीआरपी, सीआरपी व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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