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भास्कर न्यूज | धालभूमगढ़ धालभूमगढ़ चारचक्का शिव मंदिर कमेटी की ओर से गुरुवार को चड़क पूजा धूमधाम और आस्था के साथ आयोजित की गई। पूजा के दौरान पारंपरिक भोक्ता उड़ा अनुष्ठान लोगों के आकर्षण का केंद्र बना। इस दौरान श्रद्धालु पीठ में लोहे का खील घोंपकर 40 फीट ऊंचे भोक्ता खुंटे में बंधकर हवा में झूलते नजर आए। अनुष्ठान को देखने के लिए मंदिर परिसर और आसपास भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। चड़क पूजा के दौरान पांच श्रद्धालुओं ने अपनी जीभ में चार से आठ त्रिशूल घोंपकर आस्था का प्रदर्शन किया। वहीं एक श्रद्धालु ने अपनी जीभ में 7 एमएम की लोहे की छड़ आरपार कर ली। श्रद्धालु स्टेशन चौक स्थित काली मंदिर परिसर से नाचते-गाते चारचक्का शिव मंदिर पहुंचे। वहां मंदिर की परिक्रमा करते हुए भक्ति गीतों और ढोल-नगाड़ों के बीच अनुष्ठान संपन्न किया गया। जीभ में त्रिशूल घोंपने वालों में चाकुलिया निवासी चंदन सरदार, मिठु अजय सरदार, रणधीर बहरा, चंदन सरदार और साहिल समेत अन्य श्रद्धालु शामिल थे। सभी श्रद्धालुओं ने अपनी जीभ में 4 से 8 त्रिशूल धारण किए हुए थे। भोक्ता उड़ा के अवसर पर मंदिर परिसर में मेले का भी आयोजन किया गया। मेले में लगी दुकानों पर रंग-बिरंगे खिलौने, मिठाइयां और घरेलू सामान लोगों को आकर्षित कर रहे थे। बच्चों में मेले को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुजीत डे, दीपक महतो, अहिंद्र महतो, साधन पात्र, कौशिक सुराल, गौरव राउत, कौशिक सिंह, शिवनाथ महतो, विमल कालिंदी, बादल कालिंदी, विकास मुंडा, रोहित दलाई, अनिमेष दलाई और सनत महतो समेत अन्य लोगों ने सक्रिय सहयोग किया।
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