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रांची सहित राज्य भर में नदियों से बालू उत्खनन पर एनजीटी की रोक लग गई है। ऐसे में मानसून के दौरान 15 अक्टूबर तक राज्य भर में बालू का उत्खनन बंद रहेगा। नदियों से बालू नहीं निकलने पर रांची में बालू की किल्लत शुरू हो गई है। एक ही दिन में कारोबारियों ने 100 सीएफटी बालू की कीमत में 500 से 1000 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी है। बालू पर पुलिस-प्रशासन की सख्ती का हवाला देकर महंगा बालू बेचा जा रहा है। इसपर फिलहाल पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इधर, बालू की किल्लत को देखते हुए जिला प्रशासन जब्त बालू को नीलाम करेगा। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में करीब 1.30 लाख सीएफटी बालू जब्त करके रखा गया है। जब्त बालू की नीलामी 19 जून को दोपहर 3:00 बजे होगी। समाहरणालय में अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में जब्त बालू के लिए बोली लगाई जाएगी। पुंदाग में सबसे अधिक बालू जब्त पुंदाग थाना क्षेत्र और टोनको में सबसे अधिक बालू के स्टॉकिस्ट है जो अवैध बालू की खरीद-परोख्त करते हैं। इसलिए डीएमओ ने पुंदाग में सबसे अधिक बालू का स्टॉक जब्त किया है। इसमें पुंदाग ओपी के पीछे मौर्य एलिट के पास 3000 सीएफटी, पुंदाग ओपी क्षेत्र अंतर्गत टेंगरूढीपा गांव में देवी स्थल के पास 45000 सीएफटी, बेड़ो थाना अंतर्गत घाघरा पंचायत के डुमरदोन बस्ती में 15000 सीएफटी, एचईसी फर्टिलाइजर सुनील कोचिंग सेंटर के पास 20000 सीएफटी, एयरपोर्ट थाना अंतर्गत टोनको स्थित एचईसी की खाली जमीन पर 35000 सीएफटी, टोनको में मंडे उरांव के खाली जमीन पर 10000 सीएफटी, बुंडू अंचल अंतर्गत कांची नदी के पास 35000 सीएफटी बालू का स्टॉक जब्त करके रखा गया है। अब जब्त बालू की नीलामी होगी।
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