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चतरा की महिला थाना प्रभारी फिरदौस नाज और उनके सहायक अवर निरीक्षक पति टीपू अंसारी पर नाबालिग बच्ची को सरकारी आवास में रखकर बाल मजदूरी कराने, मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद बाल कल्याण समिति की टीम ने सदर थाना परिसर स्थित दारोगा दंपती के सरकारी आवास से बच्ची को बरामद किया। बच्ची के चेहरे पर चोट के निशान मिले। बच्ची ने बाल कल्याण समिति के समक्ष दंपती पर मारपीट करने और उससे तेल मालिश कराने का आरोप लगाया है। उसे मुक्त कराने के बाद बाल देखभाल संस्थान भेज दिया गया है। इधर, एसपी अनिमेष नैथानी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दंपती बोला- आरोप बेबुनियाद महिला थाना प्रभारी फिरदौस नाज और एएसआई टीपू अंसारी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। फिरदौस नाज ने कहा कि बच्ची को उसकी मां लेकर आई थी। उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया था। बच्ची की आर्थिक स्थिति देखकर उन्होंने सहानुभूति के आधार पर उसे घर में रखा था। दंपती ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाली एक महिला पुलिस अधिकारी ने षड्यंत्र के तहत बदनाम करने के लिए बाल कल्याण समिति को गुमराह किया।
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