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विद्यार्थियों की सुरक्षा, सुरक्षित शैक्षणिक माहौल और भवन उपविधियों का पालन कराने को लेकर रांची नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में नगर निगम की नगर निवेश शाखा ने गुरुवार को हरिओम टावर और ली डिजायर कॉम्प्लेक्स में संचालित कोचिंग व ट्रेनिंग सेंटरों की सघन जांच की। मानकों के उल्लंघन और जरूरी कागजात न होने पर टीम ने 6 प्रमुख संस्थानों पर नोटिस चस्पां किया है। नोटिस में बताई कमियों को दूर कर तीन दिन में वैध दस्तावेज निगम कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में कागजात पेश नहीं करने पर झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 और झारखंड भवन उपविधि 2016 के तहत संस्थान सील होंगे। नगर निगम की टीम से दुर्व्यवहार का आरोप ली डिजायर कॉम्प्लेक्स स्थित स्काईटेक एविएशन प्रबंधन पर निगम की जांच टीम से दुर्व्यवहार करने और सरकारी काम में बाधा डालने की बात सामने आई। टीम ने जब स्वीकृत भवन प्लान, फायर एनओसी और ट्रेड लाइसेंस मांगा, तो प्रबंधन ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया। इसके बाद टीम ने संस्थान पर नोटिस चिपकाया। सुप्रीम कोर्ट ने अवैध भवन में व्यवसाय को अवैध बताया है सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि स्वीकृत भवन प्लान का उल्लंघन करके या अनुमति के बिना किया गया निर्माण अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है। ऐसे भवन में व्यवसाय के लिए लाइसेंस नहीं दिया जाना चाहिए। इसी आधार पर कार्रवाई शुरू हुई है, लेकिन आदेश के दो साल बाद कार्रवाई होने से सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आवासीय भवन का नक्शा मिला तो बंद होंगे कोचिंग सेंटर नगर निगम ने जिन कोचिंग सेंटर व ट्रेनिंग सेंटर संचालकों को नोटिस दिया है, अगर वे सेंटर आवासीय भवन में चलते पाए गए तो कोचिंग का सील होना तय है। भवन मालिक पर भी जुर्माना लगेगा। क्योंकि, कोचिंग सेंटरों को व्यवसायिक माना गया है। आवासीय भवन का व्यवसायिक इस्तेमाल नगर निगम अधिनियम का उल्लंघन है।
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