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विश्व प्रसिद्ध बासुकीनाथ श्रावणी मेले में व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा मेला क्षेत्र की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे हर दिन खुद मेला क्षेत्र में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। तकनीक के माध्यम से मेले की पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है । उपायुक्त कार्यालय में लगी बड़ी स्क्रीन पर एआई आधारित कैमरों से बासुकीनाथ मेला क्षेत्र की लाइव फुटेज लगातार प्रसारित होती रहती है। इसके जरिए मंदिर परिसर, कांवरियों की भीड़, श्रद्धालुओं की आवाजाही और मेले के विभिन्न हिस्सों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। किसी क्षेत्र में भीड़ बढ़ने या असामान्य स्थिति की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल सतर्क किया जाता है। एकीकृत निगरानी प्रणाली के जरिए उपायुक्त तैनात पदाधिकारियों के संपर्क में रहते हैं । इससे भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े मामलों में तेजी से कार्रवाई संभव हो रही है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने शनिवार को भास्कर से बातचीत में बताया कि वे प्रतिदिन बासुकीनाथ मेला क्षेत्र में मौजूद रहते हैं। प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के लिए कुछ घंटों के लिए दुमका मुख्यालय आना पड़ता है। इस दौरान भी कार्यालय से मेले की हर गतिविधि पर नजर बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि उद्देश्य यही है कि कांवरियों और श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो तथा वे निर्विघ्न बाबा बासुकीनाथ पर जलार्पण कर सकें। प्रशासनिक स्तर पर एआई आधारित निगरानी व्यवस्था को मेला प्रबंधन को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। तकनीक के इस्तेमाल से मेला क्षेत्र की निगरानी में मानव संसाधन पर निर्भरता कम हुई है और किसी भी स्थिति पर तेजी से प्रतिक्रिया देना संभव हो रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए की गई यह तकनीकी पहल श्रावणी मेले को सुव्यवस्थित और निर्विघ्न तरीके से संचालित करने में अहम भूमिका निभा रही है।
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