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भास्कर एक्सक्लूिसव बोकारो स्टील सिटी की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था गंभीर खतरे में है। शहर के सेक्टरों और प्रमुख बाजारों में आग लगने की स्थिति में दमकल वाहनों को तत्काल पानी उपलब्ध कराने के लिए बीएसएल द्वारा वर्षों पहले लगाए गए फायर हाइड्रेंट सिस्टम आज अतिक्रमण, जंग और रखरखाव के अभाव में लगभग निष्क्रिय हो चुके हैं। गौरतलब है कि बीएसएल ने शहर के सभी सेक्टर और मार्केट में फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। लेकिन इनमें अधिकतर अतिक्रमण के शिकार हो गए। इसका उद्देश्य यह था कि अगर किसी मार्केट या सेक्टर के आवास में आगजनी होती है, तो दमकल तो तुरंत पहुंच जाएंगे, लेकिन अगर दमकल में पानी खत्म हो गया, तो वाल्व खोलकर दमकल में तुरंत पानी भर सकते हैं या फायर हाइड्रेंट सिस्टम के वाल्व में पाइप लगाकर सीधे आगजनी वाले स्थल तक पानी ले जा सकते हैं। लेकिन सिटी सेंटर सहित सभी मार्केट में फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण अधिकतर फायर हाइड्रेंट सिस्टम गुम हो गए। प्रकाशश्री दुकान के पास एक वाल्व है, लेकिन काफी दिनों से इसकी जांच भी नहीं हुई, जबकि कई और वाल्व को ढंककर गुमटी या झोपड़ी लगा दी गई है। इसके कारण कई दुकानदारों ने कहा कि यहां के व्यवसायी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बीएसएल प्रबंधन को फायर हाइड्रेंट सिस्टम अतिक्रमण मुक्त करवाकर इन्हें दुरूस्त करना चाहिए। लाखों रुपए खर्च, लेकिन रखरखाव की व्यवस्था नहीं बीएसएल ने टाउनशिप की स्थापना के दौरान यह व्यवस्था की थी। लाखों रुपए खर्च किए गए थे। 2020-21 तक इनकी देखरेख हो रही थी। लेकिन अब फइलों में व्यवस्था दब गई। इस संबंध में बीएसएल और सुरक्षा विभाग के कई अधिकारियों से बात की गई, लेकिन उन्हें इस व्यवस्था के बारे में जानकारी नहीं है। जबकि झारखंड सरकार के अग्निशमन विभाग के एक रिटायर कर्मी ने बताया कि यह व्यवस्था थी। 2021 में रिटायर होने के बाद क्या स्थिति है पता नहीं। कुल सेक्टर – 10 प्रमुख मार्केट – 10 सबसे बड़ा मार्केट – सिटी सेंटर (करीब 400 प्रतिष्ठान) मौके पर दिखे हाइड्रेंट – सिटी सेंटर, सेक्टर-2, को-ऑपरेटिव मोड़ स्थिति – अतिक्रमण, जंग, रखरखाव का अभाव खतरा – बड़ी आग में मौके पर पानी उपलब्ध नहीं परेशानी- दमकल को कूलिंग पॉन्ड से पानी लाना पड़ सकता है दस सेक्टर में 10 मार्केट, सभी जगह लगाए गए थे फायर हाइड्रेंट सिस्टम बोकारो शहर में कुल 10 सेक्टर हैं। इनमें सेक्टर 1, 2, 3, 4, 5, 6, 8, 9 और 11 हैं। सिटी सेंटर में शहर का सबसे बड़ा मार्केट है। यहां करीब 400 प्लॉट में दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, कोचिंग, अस्पताल आदि का व्यवसाय चल रहा है। आए दिन छोटी-मोटी आगजनी की घटनाएं होती हैं। एक-दो दमकल आकर आग पर काबू पा लेता है, लेकिन कभी बड़ी घटना हुई, तो दमकल में पानी भरने के लिए परेशानी हो सकती है। रिपोर्टर ने कई सेक्टरों की पड़ताल की तो देखा कि सिटी सेंटर, सेक्टर-2 और को-ऑपरेटिव मोड़ पर तीन वाल्व तो दिखे, लेकिन इसकी स्थिति ऐसी है कि जरूरत पड़ने पर इन्हें खोलना काफी मुश्किल होगा, क्योंकि ये पूरी तरह जंग लगे हुए थे। फैक्ट फाइल सेक्टर-2 में जर्जर हालत में फायर हाइड्रेंट सिस्टम।
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