भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

बेतला सफारी बंद, लेकिन खुल गया जंगल का सीक्रेट रूट, पलामू की...


Last Updated:

Palamu Tiger Reserve: मानसून में सुरक्षा कारणों से बेतला नेशनल पार्क की मुख्य जंगल सफारी बंद होने के बावजूद पलामू टाइगर रिजर्व में घूमने के कई शानदार विकल्प मौजूद हैं. बेतला से महुआडांड़ तक का जंगल मार्ग, मिर्चैया फॉल, सुग्गा बांध और पलामू किला बारिश के मौसम में हरियाली, झरनों और प्राकृतिक सौंदर्य से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. यह रूट रोमांच, इतिहास और प्रकृति का अनोखा अनुभव देता है.

पलामू: बरसात का मौसम आते ही प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है. पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) का हरा-भरा और मनमोहक नजारा इस मौसम में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. मानसून शुरू होते ही सुरक्षा कारणों से बेतला नेशनल पार्क का मुख्य जंगल सफारी क्षेत्र पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है. ऐसे में ज्यादातर लोग यह मान लेते हैं कि अब पलामू टाइगर रिजर्व घूमने का कोई विकल्प नहीं बचा. लेकिन ऐसा नहीं है.

टाइगर रिजर्व का एक खास रूट
बहुत कम लोग जानते हैं कि मानसून के दौरान पलामू टाइगर रिजर्व का एक खास रूट पूरी तरह जीवंत हो उठता है. इस मार्ग पर हर मोड़ पर हरियाली, झरने, पहाड़ और घने जंगलों का ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिलता है, जिसे देखकर ऐसा लगता है मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो.

प्रकृति प्रेमियों के लिए सौगात
दरअसल, बेतला से महुआडांड़ की ओर जाने वाला जंगल मार्ग बारिश के मौसम में प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है. लगातार होने वाली बारिश के बीच सड़क के दोनों ओर फैले घने साल के जंगल मन मोह लेते हैं. पहाड़ियों से उतरते छोटे-छोटे झरने और पक्षियों की मधुर चहचहाहट इस सफर को और भी यादगार बना देती है.

विभिन्न प्रजाति के पक्षियों की झलक
इसी मार्ग पर स्थित मिर्चैया फॉल बारिश के दिनों में अपने पूरे सौंदर्य के साथ बहता नजर आता है. यहां का दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है. वहीं सुग्गा बांध झील का शांत और खूबसूरत वातावरण लोगों को लंबे समय तक रुकने के लिए मजबूर कर देता है. यात्रा के दौरान कई बार जंगली जानवरों और विभिन्न प्रजाति के पक्षियों की झलक भी देखने को मिल जाती है. इससे सफर का रोमांच कई गुना बढ़ जाता है.

प्राकृतिक स्थलों का आनंद
अगर आप इतिहास और जंगल के रोमांच का एक साथ अनुभव करना चाहते हैं, तो बेतला से पलामू किला जाने वाला मार्ग भी बेहतरीन विकल्प है. यह रास्ता भी जंगल सफारी जैसा अनुभव कराता है. इस मार्ग पर प्रवेश के लिए 50 रुपये का शुल्क लिया जाता है. इसके बाद पर्यटक पलामू किला, कमलदह झील और आसपास के प्राकृतिक स्थलों का आनंद ले सकते हैं.

सफारी सर्किट के रूप में विकसित
घने जंगलों के बीच बना यह रास्ता मानसून के मौसम में और भी अधिक आकर्षक हो जाता है. पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन भी इस क्षेत्र को भविष्य में बेहतर जंगल सफारी सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है.

पारंपरिक जंगल सफारी बंद
हर साल मानसून में भले ही पारंपरिक जंगल सफारी बंद हो जाती है, लेकिन पलामू टाइगर रिजर्व का यह प्राकृतिक मार्ग रोमांच, इतिहास और हरियाली का अनोखा संगम पेश करता है. यह सफर हर प्रकृति प्रेमी के लिए यादगार साबित हो सकता है. अगर आप बारिश के मौसम में भी जंगल का असली एहसास लेना चाहते हैं, तो यह रूट किसी छिपे हुए खजाने से कम नहीं है.

About the Author

Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top