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बैरिकेडिंग के बावजूद जान जोखिम में डालकर आवागमन को लोग मजबूर, ग्रामीणों...




भास्कर न्यूज|लोहरदगा/किस्को लोहरदगा सदर व किस्को प्रखंड के होंदगा-कुजरा मार्ग पर नदी पर बना पुल पिछले लगभग दो वर्षों से धंसा हुआ है, लेकिन आज तक इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। यह पुल क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां से प्रतिदिन ग्रामीण, छात्र, मरीज और छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। पुल का पिलर बीच से धंस गया है। जिसका मुख्य कारण नदियों से हो रहे बालू का अवैध उठाव है। एनजीटी के रोक के बावजूद लगातार नदी से बालू का उठाव हो रहा है। अभी पुल के पिलर धंसने के साथ प्रशासन द्वारा इसे बैरिकेडिंग कर दिया गया है। बावजूद लोगों का आवागमन जारी है, जिससे हर दिन किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल के धंसने के पीछे एक बड़ा कारण नदी और पुल के आसपास से लगातार हो रहा बालू उठाव भी है। ग्रामीणों के अनुसार भारी पैमाने पर बालू निकासी से पुल की नींव कमजोर हुई, जिसके कारण पुल धीरे-धीरे धंसता चला गया। इसके बावजूद न तो अवैध बालू उठाव पर प्रभावी रोक लगी और न ही पुल की स्थायी मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल की गई। हाल ही में प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन रोकने का प्रयास किया था, लेकिन वह बैरिकेडिंग दो दिन बाद ही हटा िदया गया, जिसके बाद फिर से लोग और वाहन उसी क्षतिग्रस्त पुल से गुजरने लगे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल की तत्काल मरम्मत और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की निर्माण/मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। लोगों ने चेतावनी दी कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पुल के निर्माण और मरम्मत की दिशा में ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। लगभग 20 वर्ष पूर्व पुल का निर्माण जिला परिषद द्वारा किया गया था। इसके अलावा भी कई ऐसे पुल पुलिया है जो सिर्फ नियमित बालू उठाव के कारण जर्जर हो चुका है।



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