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बोकारो शहरी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पर लगातार बढ़ते दबाव के पीछे बड़े पैमाने पर हो रही बिजली चोरी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। शहर के विभिन्न सेक्टरों में बने अवैध झोपड़पट्टियों, अस्थायी बस्तियों और फुटपाथ दुकानों में बड़े पैमाने पर टोका फंसाकर बिजली का अवैध उपयोग किया जा रहा है। इससे बिजली वितरण तंत्र पर अतिरिक्त भार बड़ रहा है और नियमित उपभोक्ताओं को इसका खामियाजा लगातार बिजली कटौती तथा लो-वोल्टेज के रूप में भुगतना पड़ रहा है। यहां लगभग 60 से 70 एमवीए िबजली की खपत होती है, लेकिन इसमें शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 10 एमवीए बिजली की चोरी होने से वितरण व्यवस्था चरमरा गई है। शाम होते ही अधिकांश सेक्टरों में लो वोल्टेज हो जाता है। घरों में लगे बल्ब और एलईडी लाइटें सामान्य रोशनी देने के बजाय टिमटिमाने लगती है। हालांकि बीएसएल प्रबंधन की ओर से बिजली चोरी के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई बड़ा सुधार दिखाई नहीं देता है। शहर के कई हिस्सों में बिजली के तारों पर खुलेआम टोका लगाकर कनेक्शन लिए गए हैं। दिन-रात चल रहे इन अवैध कनेक्शनों के कारण ट्रांसफार्मरों और फीडरों पर अतिरिक्त लोड बढ़ रहा है। अनियमित आपूर्ति से है परेशानी कोऑपरेटिव की शांतिलता व विनोद कुमार ने बताया कि इन दिनों लगातार बिजली कटने से भारी परेशानी हो रही है। हर एक-दो घंटे में बिजली कट रही है। इससे बच्चे व बुजुर्ग अधिक परेशान होते हें। नियमित छापेमारी की जाती है बीएसएल के बिजली विभाग के अधिकारी राजू हलधर ने कहा कि इनपुट में पावर नहीं है। इस कारण बिजली आपूर्ति में कमी हो रही है। बिजली चोरी किसी भी वितरण प्रणाली के लिए गंभीर चुनौती है। बिजली चोरी पहले भी होती रही है और आज भी हो रही है। छापेमारी भी नियमित होती है। टोका फंसाकर लिया गया अवैध कनेक्शन। इसका सीधा असर सेक्टर क्षेत्र में रहने वाले हजारों वैध उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। पिछले कुछ समय से प्रतिदिन तीन से चार घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। घरों में लगे फ्रीज पर्याप्त ठंडक नहीं दे रहा है, इससे पीने का पानी ठंडा नहीं हो रहा और इनवर्टर भी पूरी तरह चार्ज नहीं हो पा रहा है। रात के समय बिजली बाधित होने से बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद उन्हें गुणवत्तापूर्ण बिजली क्यों नहीं मिल रही है। बिजली चोरी रोकने में विफलता का बोझ ईमानदार उपभोक्ताओं पर नहीं डालना चाहिए। बिजली चोरी पर लगाम लगने से न केवल राजस्व की हानि रुकेगी, बल्कि हजारों वैध उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। वैध कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं पर पड़ रहा असर
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