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भास्कर न्यूज | सरायकेला गोपालपुर में ब्रेन मलेरिया से एक व्यक्ति की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने हुदू, चाडकपाथर, मोहितपुर और गोपालपुर क्षेत्र में मलेरिया के खिलाफ सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार को चले इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के ब्लड सैंपल लेकर जांच की गई, जिसमें चार लोगों के मलेरिया पॉजिटिव मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि इन संक्रमितों में एक तीन साल का मासूम बच्चा भी शामिल है। सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने ब्रेन मलेरिया से हुई मौत के बाद संबंधित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और अधिक से अधिक लोगों की मलेरिया जांच कराने का निर्देश दिया है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में घर-घर पहुंचकर लोगों के रक्त नमूने एकत्र कर रही हैं, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान कर उसका सही उपचार शुरू किया जा सके। सोमवार को हुई जांच में तुमसा गांव के 19 वर्षीय कारो हेंब्रम, उपरबेड़ा गांव के 13 वर्षीय चंदन लोहार, तुमसा गांव के तीन वर्षीय बिंदेश्वरी मुंडा तथा कुर्मामाचा गांव के 22 वर्षीय सरगम किस्कू में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है। एक ही अभियान में चार नए संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में निगरानी और जांच और अधिक तेज कर दी है। ब्रेन मलेरिया से हुई मौत के बाद अब विभाग के सामने संक्रमण के फैलाव को रोकने और ग्रामीणों को समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती है। घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की टीम कर रही है जांच ब्रेन मलेरिया से एक व्यक्ति की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ नगर क्षेत्रों में भी निगरानी अभियान तेज कर दिया है। सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर फीवर सर्वे कर रही हैं। इस दौरान लोगों से उनके स्वास्थ्य और बुखार के बारे में जानकारी ली जा रही है। जिन लोगों को दो दिनों से अधिक समय से बुखार है, उनके रक्त के नमूने लेकर मलेरिया की जांच कराई जा रही है। अभियान के तहत अधिक से अधिक घरों और क्षेत्रों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग का मुख्य जोर संक्रमण की शुरुआती अवस्था में ही उसकी पहचान कर मरीजों को तत्काल उचित उपचार उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों में सघन जांच के साथ अब शहरी इलाकों में भी डोर-टू-डोर सर्वे शुरू होने से मलेरिया संक्रमण की निगरानी का दायरा काफी बढ़ गया है।
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