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ब्रेन मलेरिया का प्रकोप, 64 नए मरीज मिले:अब तक 5 की मौत,...




पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया का संक्रमण गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। गुरुवार को 25 गांवों के 1223 ग्रामीणों की जांच में 64 नए मरीज मिले हैं। नए मरीजों में चार की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। जबकि 60 मरीजों को दवा देकर घर पर रहकर ही इलाज कराने की सलाह मेडिकल टीम द्वारा दी गई है। उधर, सिविल सर्जन की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में अगले आदेश तक मलेरिया नियंत्रण अभियान से जुड़े सभी स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिया जायजा
वहीं, ब्रेन मलेरिया से पीड़ित एमजीएम में इलाजरत आदित्यपुर की 12 वर्षीय गुड़िया दास की भी मौत हो गई है। मलेरिया की स्थिति दिनों दिन बिगड़ने पर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पोटका के प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही ग्रामीणों को निर्देश दिया कि रात्रि में मच्छरदानी का उपयोग करें, घर के आसपास जल जमाव नहीं होने दें और ठंड के साथ बुखार होने पर तत्काल जांच व इलाज कराने का निर्देश दिया है। लोगों को बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है। किशोरी पहले ही सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित थी
पोटका के बाद अब आदित्यपुर में भी ब्रेन मलेरिया के मामले सामने आने लगे हैं। गुरुवार को आदित्यपुर की 12 वर्षीय किशोरी गुड़िया दास की एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह ब्रेन मलेरिया से पीड़ित थी और गंभीर हालत में मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराई गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गुड़िया पहले से सिकल सेल एनीमिया से भी पीड़ित थी। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बुखार या ठंड लगने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल मलेरिया की जांच कराने और इलाज शुरू कराने की अपील की है। पोटका के 11 गांवों और स्कूलों में विशेष फॉगिंग अभियान
आपात बैठक में तैयार माइक्रोप्लान के अनुसार कल से 13 जुलाई तक पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के 11 गांवों में चरणबद्ध फॉगिंग अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत कुंदरुकोचा गांव से होगी। इसके बाद नरदा, ग्वालकाटा, हरिना, झरिया, जोजोगोड़ा, टांगराइन, छोटा रामगढ़ और ढेंगाम समेत अन्य गांवों में फॉगिंग की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी आवासीय विद्यालयों में भी एक चरण की विशेष फॉगिंग कराने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सभी प्रभावित गांवों में शाम के समय दूसरी बार फॉगिंग कराई जाएगी। लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए माइकिंग और नुक्कड़-नाटक के माध्यम से विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।



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