Last Updated:
एक तरफ जहां बेटी के जन्म पर बहुत से लोग निराश और दुखी होते हैं वहीं ऐसे लोग भी हैं जो घर में बेटी के जन्म के लिए मन्नत मांगते हैं. देवघर में इस समय लोगों की भीड़ जुटी रहती है. दूर-दूर से बाबा बैद्यनाथ के भक्त भोलेनाथ की शरण में पहुंच रहे हैं. इन भक्तों में एक शिवभक्त ऐसा भी है जिसने बड़े विश्वास से शंकर भगवान से बेटी मांगी थी. उसकी मन्नत पूरी हुई तो…..
देवघर: सावन का महीना है, चारों तरफ बोल बम की गूंज है और बाबा बैद्यनाथ के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है. गेरुआ वस्त्र पहने कांवरियों की कतार, कंधे पर कांवर और जुबां पर सिर्फ एक ही नाम बोल बम. सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक करीब 105 किलोमीटर के कांवरिया पथ पर इन दिनों भक्ति का ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर हर कोई बस यही कह रहा है बाबा की भक्ति में शक्ति है. इसी आस्था के बीच मुजफ्फरपुर के रहने वाले मिथलेश कुमार की प्रतिज्ञा भी देखने को मिली. उन्होंने भोलेनाथ से एक खास मन्नत मांगी थी. एक तरफ जहां देश में बहुत से लोग बेटी के जन्म पर उदास और दुखी हो जाते हैं वहीं मिथलेश ने अपने घर में बेटी के जन्म की मन्नत मानी थी. मन्नत पूरी होने के बाद मिथलेश अपनी बेटी को लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर दंडवत यात्रा कर रहे हैं. उनके साथ उनकी पत्नी रेखा देवी, तीन साल का बेटा आयुष और महज दो महीने की नन्ही बेटी राधा भी है.
बाबा बैद्यनाथ से मांगा था बेटी होने की मन्नत
दरअसल, मिथलेश कुमार ने भगवान भोलेनाथ से एक मन्नत मांगी थी. उन्होंने बाबा से प्रार्थना की थी कि अगर उनके घर बेटी का जन्म होता है, तो वह अपनी नन्ही बेटी को बाबा बैद्यनाथ के दरबार में लेकर आएंगे. बाबा ने उनकी पुकार सुन ली और उनके घर बेटी ने जन्म लिया. बेटी के जन्म के बाद मिथलेश ने अपनी कही बात को सिर्फ मन में रखने के बजाय उसे संकल्प बना लिया. उन्होंने तय किया कि चाहे रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो, वह अपनी बेटी को लेकर बाबा धाम जरूर पहुंचेंगे. इसी विश्वास और आस्था के साथ पूरा परिवार सुल्तानगंज से देवघर की यात्रा पर निकल पड़ा है.
बच्ची को गर्मी से राहत देने के लिए डोली मे लगाया है सोलर पंखा
मिथलेश की यात्रा का सबसे भावुक पहलू यह है कि वह खुद दंडवत देते हुए आगे बढ़ रहे हैं, जबकि उनकी दो माह की मासूम बेटी विशेष डोली में उनके साथ है. बच्ची को गर्मी से परेशानी न हो, इसके लिए पिता ने उसके लिए सोलर पंखे वाली खास डोली भी तैयार करवाई है. डोली में लेटी नन्ही राधा और उसके सामने कठिन यात्रा करते पिता को देखकर रास्ते से गुजर रहे कांवरिए भी कुछ पल के लिए ठहर जा रहे हैं. कोई बच्ची को देखकर आशीर्वाद दे रहा है, तो कोई मिथलेश के इस संकल्प की तारीफ कर रहा है.
क्या कहते हैं मिथलेश कुमार
मिथलेश बताते हैं कि वह पिछले छह वर्षों से बाबा बैद्यनाथ की दंडवत यात्रा कर रहे हैं. इस बार उनके लिए यह यात्रा और भी खास है, क्योंकि इस बार उनके साथ उनकी बेटी है. उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म के लिए उन्होंने बाबा से मन्नत मांगी थी और मन ही मन संकल्प लिया था कि बेटी होने पर उसे अपने साथ बाबा के दरबार में जरूर लेकर जाएंगे. अब जब बाबा ने उनकी मनोकामना पूरी कर दी, तो वह अपना संकल्प पूरा करने के लिए परिवार के साथ निकल पड़े हैं. मिथलेश का कहना है कि कई लोगों ने उन्हें इतनी छोटी बच्ची को लेकर इतनी कठिन यात्रा करने से मना किया. लोगों ने कहा कि बच्ची अभी सिर्फ दो महीने की है, रास्ता लंबा है और मौसम भी कठिन है. लेकिन मिथलेश कहते हैं कि उन्हें बाबा बैद्यनाथ पर पूरा भरोसा है. उन्होंने बच्ची की सुविधा और गर्मी से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए हैं और पूरे रास्ते उसकी देखभाल करते हुए बाबा के दरबार तक पहुंचने का संकल्प लिया है.
अपनी मनोकामना के लिए बाबा के दरबार में पहुंचते हैं हजारों भक्त
कांवरिया पथ पर हजारों भक्त अपनी-अपनी मनोकामनाएं लेकर बाबा धाम पहुंच रहे हैं, लेकिन मिथलेश की कहानी इसलिए अलग है क्योंकि उन्होंने बेटी के जन्म के बाद बाबा से किया वादा निभाने के लिए यह कठिन रास्ता चुना है. अब बस उनकी एक ही इच्छा है कि बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचकर अपनी नन्ही बेटी राधा को बाबा के चरणों में समर्पित करना और कहना कि बाबा, आपने मेरी मन्नत पूरी की अब मैं अपना संकल्प पूरा करने आपके दरबार में आ गया हूं. बोल बम की गूंज के बीच यह पिता और उसकी नन्ही बेटी आस्था, विश्वास और संकल्प की ऐसी तस्वीर पेश कर रहे हैं, जिसे देखकर हर किसी के मुंह से बस यही निकल रहा है कि बाबा बैद्यनाथ सबकी मनोकामना पूरी करें.
About the Author
जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…
और पढ़ें