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मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा: मजदूरों के नाम पर




भास्कर न्यूज | कोडरमा मरकच्चो प्रखंड में मनरेगा के तहत डोभा निर्माण योजनाओं में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां 2023-24 और 2024-25 वित्तीय वर्ष में स्वीकृत योजनाएं जमीनी स्तर पर पहले ही पूर्ण हो चुकी थी। बाद में अब उनमें फर्जी तरीके से मास्टर रोल तैयार कर फर्जी निकासी की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आए मामलों में ही करीब ₹10,67,548 की निकासी संदिग्ध प्रतीत होती है। योजनाओं में भ्रष्टाचार इस प्रकार हो रहा है कि स्थल पर पूर्ण योजनाओं को कागजातों में अधूरा ही दिखाया जाता है। इससे फर्जी तरीके से निकासी की जा सके। किसी भी योजना की समय-सीमा निर्धारित होती है। इसके बावजूद 2 और 3 साल पुरानी स्वीकृत योजनाओं को कागजातों में अधूरा दिखाकर बाद में फर्जी निकासी की जाती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन डोभा योजनाओं में मिट्टी कटाई का कार्य वर्षों पहले पूरा हो चुका है, उन्हीं योजनाओं में अब मजदूरों की उपस्थिति दिखाकर लाखों रुपये निकाले जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश कार्य मशीनों से पहले ही कर लिए गए थे। बाद में कागजों पर मजदूर दिखाकर सरकारी राशि की निकासी की जा रही है।

^यदि पूर्ण योजना में फर्जी तरीके से निकासी हो रही है, तो मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।^ -हुलास महतो ,बीडीओ कलावती देवी के डोभा की स्वीकृति 19 जनवरी 2024 को हुई थी। योजना पहले ही पूरी हो चुकी थी। अब 45 मजदूर दिखाकर ₹84,882 की निकासी कर ली गई। विनय यादव के डोभा में 14 मजदूर दिखाकर ₹24,534 का भुगतान किया गया। कार्य पहले ही पूरा हो चुका था। महादेव यादव के डोभा में ₹50,760 की निकासी की गई। राजेंद्र ठाकुर के डोभा में ₹62,322 का भुगतान किया गया। मीना देवी के डोभा में ₹45,120 की निकासी की गई। अख्तरी खातून के डोभा में ₹1,14,492 का भुगतान किया गया। विद्यानंद यादव के डोभा में ₹42,018 की निकासी की गई। इन सभी योजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी थीं। इसके बावजूद अब उनमें फर्जी मास्टर रोल बनाकर भुगतान किया गया। देवीपुर पंचायत के गुरहा (चीलहोटांड़) गांव में भी कई योजनाओं में अनियमितता सामने आई। महादेव यादव के डोभा में ₹12,408, कुलदीप यादव के डोभा में ₹5,076, अजनती देवी के डोभा में ₹6,204 की निकासी की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि इन योजनाओं का निर्माण पहले ही मशीनों से पूरा कर लिया गया था। बाद में फर्जी मजदूरों के नाम पर भुगतान कर राशि निकाली जा रही है। जामु पंचायत में भी सामने आया फर्जी भुगतान जामु पंचायत में भी कई योजनाओं में अनियमितता सामने आई। देवकी देवी के डोभा में ₹5,076 की निकासी हुई। सुनील कुमार के डोभा में ₹69,654 का भुगतान किया गया। बालेश्वर साहू की योजना में ₹1,67,226 की निकासी हुई। फुलवा देवी के डोभा में ₹7,050 का भुगतान किया गया। नदकरी पंचायत में भी लाखों का भुगतान हुआ। नदकरी में गुलामनबी अंसारी के डोभा में ₹40,326 की निकासी हुई। साजिद अंसारी के 90×90 डोभा में ₹1,70,328 की निकासी हुई। मुस्ताक अंसारी के डोभा में ₹12,690 की निकासी हुई। हरलाडीह में भी भातू गोस्वामी के 90×90 डोभा में ₹1,20,696 की निकासी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य काफी पहले पूरा हो चुका था।दैनिक भास्कर की पड़ताल में अभी केवल कुछ पंचायतों की चुनिंदा योजनाओं की जांच में ही ₹10.67 लाख से अधिक की संदिग्ध निकासी सामने आई है। यदि पूरे मरकच्चो प्रखंड की सभी पंचायतों की योजनाओं की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए, तो करोड़ों रुपये के फर्जी भुगतान का खुलासा होने की संभावना है।



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