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मरीजों की बढ़ती संख्या और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत को देखते हुए मंगलवार को हुई रिम्स शासी परिषद (जीबी) की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सबसे बड़ा निर्णय रिम्स परिसर में मौजूद स्टेडियम की जगह अत्याधुनिक ओपीडी कॉम्प्लेक्स बनाने का लिया गया। वहीं खेल गतिविधियों के लिए नया स्टेडियम और डॉक्टरों के हॉस्टल का निर्माण डीआईजी ग्राउंड में करने पर सहमति बनी। बैठक की शुरुआत इसी प्रस्ताव से हुई। स्वास्थ्य मंत्री सह जीबी के अध्यक्ष डॉ. इरफान अंसारी ने भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों से प्रस्तावित निर्माण कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। डॉ. इरफान ने कहा कि रिम्स में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया गया है। इसके लागू होने के बाद जटिल ऑपरेशन अधिक सटीकता से किए जा सकेंगे। इससे मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगी। गंभीर मरीजों के लिए 200 नए वेंटिलेटर की होगी खरीद
बैठक का सबसे अहम फैसला रिम्स के लिए 200 अत्याधुनिक वेंटिलेटर खरीदने का रहा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आईसीयू और क्रिटिकल केयर यूनिट में लंबे समय से वेंटिलेटरों की कमी महसूस की जा रही थी। नए वेंटिलेटर मिलने से गंभीर मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ेगी और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं अधिक प्रभावी होंगी। रिम्स निदेशक ने बताया कि खरीदे जाने वाले 200 वेंटिलेटरों में हाई-एंड, मिड-रेंज और सामान्य श्रेणी के वेंटिलेटर शामिल होंगे। फिलहाल रिम्स में 121 वेंटिलेटर और 330 मॉनिटर कार्यरत हैं, लेकिन मरीजों की संख्या के मुकाबले यह पर्याप्त नहीं हैं।
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