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सागर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर के एस यादव बताते हैं कि सोयाबीन और उड़द की बुवाई करने के लिए इस समय बहुत ही उत्तम समय चल रहा है. 10 जुलाई तक इसकी बुवाई कर सकते हैं सोयाबीन की बुवाई के बाद उड़द की बुवाई भी कर सकते हैं. बुवाई से पहले एक सलाह दी जाती है कि आप अपने खेत में एक ही किस्म ना लगाए, उड़द हो, सोयाबीन हो मक्का हो इनकी खेती जगह-जगह पर कीजिए दो-दो किस्म को बोये इसी तरह से अगर सोयाबीन की बुवाई कर रहे हैं
बुंदेलखंड के सागर जिले में खरीफ के सीजन में सबसे अधिक सोयाबीन की खेती की जाती है सागर ही नहीं बुंदेलखंड में भी लगभग 10 लाख हेक्टेयर की भूमि पर किसान सोयाबीन पर ही दाव लगाते हैं. 30 जून को सागर जिले में मानसून की अधिकृत घोषणा कर दी गई है मानसून आने के बाद बारिश भी होने लगी है ऐसे में किसान भाइयों के द्वारा बुआई का काम शुरू कर दी या गया है.10 जुलाई तक सोयाबीन और उड़द की आसानी से बुआई कर सकते हैं. इस बार अल नीनो का संकट भी किसानों के लिए सता रहा है. मौसम विशेषज्ञों के द्वारा ऐसा कहा जा रहा है.आखिरी के दो महीना में लंबा ड्राई स्पेल बढ़ सकता है. जिसकी वजह से फसले प्रभावित होगी. ऐसे में कम से कम दिन बीज वाली वैरियटयों का इस्तेमाल करें.
सागर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर के एस यादव बताते हैं कि सोयाबीन और उड़द की बुवाई करने के लिए इस समय बहुत ही उत्तम समय चल रहा है. 10 जुलाई तक इसकी बुवाई कर सकते हैं सोयाबीन की बुवाई के बाद उड़द की बुवाई भी कर सकते हैं. बुवाई से पहले एक सलाह दी जाती है कि आप अपने खेत में एक ही किस्म ना लगाए, उड़द हो, सोयाबीन हो मक्का हो इनकी खेती जगह-जगह पर कीजिए दो-दो किस्म को बोये इसी तरह से अगर सोयाबीन की बुवाई कर रहे हैं तो कुछ हिस्से में उड़द बुवाई कर दें मक्के की बुवाई कर दें. इस तरह से मल्टी क्रॉपिंग सिस्टम से बुवाई करेंवर्तमान समय में बुंदेलखंड और सागर सहित जिन जिन इलाकों में सोयाबीन और उड़द की बुवाई हो रही है सबसे पहले सोयाबीन की ऐसी किस्म की बुवाई करें जो जल्दी तैयार हो जाती हैं.
सोयाबीन JS 20-34 भी कम दिन में तैयार
जिसमें जेएस 2034, जे एस 2029, js 2309, जे एस 2303 किस्म है जो जल्दी आ जाती हैं
कुछ फसले 100 दिन बाली हैं जेएस 2071 जे एस 1105 जेएस 2098 जीएस 1135 है.JS 20-69 – यह सोयाबीन की सबसे कम दिनों में तैयार होने वाली किस्म मानी जाती है जो लगभग 85 दिन में पककर तैयार हो जाती है. इसी तरह सोयाबीन JS 20-34 भी कम दिन में तैयार होने वाली वैरायटी में से एक है जो लगभग 85 से 90 दिन के बीच में पक जाती है. ऐसे में अगर आखिरी के दिनों में कम बारिश होती है तो यह ज्यादा प्रभावित नहीं होगी.
85 दिन में तैयार हो जाता है इस वैरायटी का सोयाबीन
JS 95-60 सोयाबीन की ऐसी वैरायटी हैं जिसकी फलियां जल्दी पक कर तैयार हो जाती हैं और यह भी 90 दिन से पहले ही फसल पूरी तरह से बन जाती है.JS 93-05 सोयाबीन की वैराइटी भी 90–95 दिन मैं तैयार हो जाती है इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता सहन करने की भी शक्ति होती है
सोयाबीन की नई किस्मों (JS 20-98, JS 21-17, JS 21-72 भी जल्दी तैयार होने वाली फसल है.वही इसके अलावा सागर जिले में कुछ किसानों के द्वारा जो वैरायटी की बुवाई की जा रही है उसमें ब्लैक गोल्ड, पंत 18, 1569 2303 2309 जैसी वैरायटी कि भी बुआई कर रहे हैं.