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मानसून में ₹1 प्रति पौधे की दर से करें इस कड़वी चीज की खेती, कम खर्च, कम जोखिम

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Best Crop For Monsoon Season: मानसून का सीजन यूं तो बहुत सी सब्जियों की खेती के लिए अच्छा होता है पर कई बार जल-जमाव और रोग लग जाने से कई फसलें चौपट भी हो जाती हैं. ऐसे में हरी मिर्च की खेती एक ऐसा विकल्प है जिसमें लागत कम आती है, फसल सुरक्षित रहने की संभावना ज्यादा होती है और हाथों-हाथ बिक्री से मुनाफा भी बढ़िया होता है. इसे एक रुपये प्रति पौधे की दर से खरीदा जा सकता है.

देवघर. मानसून की दस्तक होने वाली है. खेत-खलिहान में किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं. बारिश का मौसम कई फसलों के लिए वरदान माना जाता है, लेकिन सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए यही बारिश कई बार परेशानी का कारण बन जाती है. अधिक बारिश होने पर खेतों में जलजमाव हो जाता है, जिससे टमाटर, बैंगन, फूलगोभी समेत कई सब्जियों की फसल प्रभावित हो जाती है. ऐसे में किसान ऐसी फसल की तलाश में रहते हैं, जिसमें लागत कम लगे और मुनाफा अच्छा मिले. तो आइए देवघर के कृषि एक्सपर्ट से जानते हैं कि मानसून में किस चीज की खेती करें किसान, जिससे बेहद कम लागत में अच्छा-खासा मुनाफा हो?

क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ
देवघर के कृषि विशेषज्ञ अंबिका कुशवाहा ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि मानसून के मौसम में हरी मिर्च की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है. उन्होंने बताया कि इस समय किसान मिर्च की नर्सरी तैयार कर सकते हैं या फिर सरकारी संस्थानों से बेहद कम कीमत पर पौधे खरीद सकते हैं.

कई जगहों पर किसानों को मात्र एक रुपये प्रति पौधे की दर से मिर्च के पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं. ऐसे में किसान बहुत कम लागत में अपनी खेती की शुरुआत कर सकते हैं. मानसून की शुरुआती बारिश मिर्च के पौधों के विकास के लिए काफी लाभदायक होती है. हल्की और नियमित बारिश मिलने पर पौधों की बढ़वार तेजी से होती है और खेत में हरियाली छा जाती है.

एक एकड़ में दो लाख तक का हो सकता है मुनाफा
अंबिका जी बताते हैं कि अगर कोई किसान एक एकड़ खेत में हरी मिर्च की खेती करना चाहता है, तो लगभग पांच से छह हजार पौधों की जरूरत पड़ती है. अच्छी किस्म के पौधे, सही दूरी पर रोपाई और समय-समय पर देखरेख करने से उत्पादन काफी बेहतर होता है. मिर्च की खेती में सबसे बड़ी बात यह है कि इसकी मांग पूरे साल बाजार में बनी रहती है. हरी मिर्च रोजाना घरों से लेकर होटल और ढाबों तक इस्तेमाल होती है, इसलिए किसानों को इसकी बिक्री को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती.

मिर्च की खेती में करें जैविक खाद का प्रयोग
उन्होंने बताया कि यदि किसान जैविक खाद, गोबर खाद और संतुलित पोषक तत्वों का उपयोग करें, तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर होती है. समय पर निराई-गुड़ाई और रोग-कीट नियंत्रण करने से फसल स्वस्थ रहती है. सही तरीके से खेती करने पर एक एकड़ में किसानों को अच्छी आमदनी हो सकती है. कई किसान मिर्च की खेती से सालाना लाखों रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं.

हर तरफ है मिर्च की खेती में फायदा
मिर्च की खेती का एक और बड़ा फायदा यह है कि अगर किसी कारणवश किसान हरी मिर्च को तुरंत बाजार में नहीं बेच पाते हैं, तो उसे सुखाकर भी बेचा जा सकता है. सूखी मिर्च की बाजार में अच्छी मांग रहती है और उसका दाम भी बेहतर मिल जाता है. यानी किसान के पास फसल बेचने के एक से अधिक विकल्प मौजूद रहते हैं. यही वजह है कि मिर्च की खेती को कम जोखिम वाली खेती भी माना जाता है.

मिर्च की यह किस्म है उन्नत
विशेषज्ञों का कहना है कि किसान उन्नत किस्मों का चयन करके उत्पादन और कमाई दोनों बढ़ा सकते हैं. वर्तमान समय में नांगवो की अजीता, वीएनआर, एडवांटा समेत कई उन्नत किस्में उपलब्ध हैं, जिनकी पैदावार अच्छी होती है और बाजार में मांग भी ज्यादा रहती है.

ऐसे में मानसून के इस सीजन में अगर किसान थोड़ी वैज्ञानिक जानकारी और सही तकनीक के साथ हरी मिर्च की खेती करें, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन लेकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. बारिश के मौसम में जहां कई सब्जियां किसानों की चिंता बढ़ाती हैं, वहीं हरी मिर्च की खेती उनके लिए कमाई का मजबूत जरिया बन सकती है.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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