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मिर्जापुर में NH 35 की हालत खराब है. प्रयागराज को जोड़ने वाले इस हाईवे पर 20 से ज्यादा गड्ढे हैं, जिससे हादसे हो रहे हैं. टोल वसूली के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं हो रही है. गांव की सड़कें छोड़िये, राष्ट्रीय राजमार्ग तालाब बना हुआ है. रोड पर मौत के गड्ढे बने हुए हैं. हल्की सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है. मिर्जापुर जिले को प्रयागराज से जोड़ने वाले NH 35 का हाल-बदहाल है. शहर से नटवा तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर 20 से ज्यादा गड्ढे होंगे.
मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में स्थित NH 35 पर सफर करना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है. सरकार के द्वारा दावा किया जाता है कि राष्ट्रीय राजमार्ग छोड़िये, गांव की सड़कें भी चमक रही है. हकीकत कुछ और ही है. गांव की सड़कें छोड़िये, राष्ट्रीय राजमार्ग तालाब बना हुआ है. रोड पर मौत के गड्ढे बने हुए हैं. हल्की सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है. मिर्जापुर जिले को प्रयागराज से जोड़ने वाले NH 35 का हाल-बदहाल है. शहर से नटवा तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर 20 से ज्यादा गड्ढे होंगे. बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है, जिसके बाद यहां पर कई हादसे होते हैं. व्यवस्था के नाम पर सिर्फ गिट्टी लाकर भर दिया जाता है, जो एक या दो दिनों में ही गायब हो जाता है.
एन एच 35 प्रयागराज मिर्जापुर को जोड़ता है
राष्ट्रीय राजमार्ग 35 मिर्जापुर को प्रयागराज से जोड़ता है. मिर्जापुर के शीतला मंदिर तिराहा से नटवा तिराहा तक 5 किलोमीटर सड़क पर 20 से ज्यादा छोटे और बड़े गड्ढे हैं. इनमें कुछ गड्ढे मौत के कुएं जैसा है, जिसमें कई हादसे हो चुके हैं. करीब 90 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग में दो जगहों पर टोल की वसूली होती है. बावजूद भी सड़क का हाल बेहाल है. कोई पूछने वाला नहीं है. सड़क कब ठीक होगा. कैसे ठीक होगा. इसकी जानकारी भी किसी को नहीं है. करीब एक सालों से सड़क का हाल ऐसे ही पड़ा हुआ है. इसी मार्ग से मंत्री से लेकर तक जाते हैं, लेकिन कोई ठीक नहीं करा सका और न ही किसी की नजर गई.
सालभर से खराब है सड़क
फूलवती देवी ने बताया कि सड़क पर कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं. यहां पर सिर्फ गड्ढे को भरने के नाम पर सुखी गिट्टी लाकर डाल देते हैं. एक दिन पहले ही यहां पर हादसा हुआ है, जहां एक व्यक्ति की चोट लगी थी. इसके बाद भी सड़क को ठीक नहीं किया जा रहा है. न प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही ठेकेदार की नजर पड़ रही है. उमेश ने बताया कि सड़क को ठीक करने के लिए दो बार ठेकेदार आ चुके हैं. जमीनी स्थिति को देख चुके हैं, लेकिन गिट्टी डालकर छोड़ देते हैं. उसके बाद कोई ध्यान देने वाला नहीं रहता है. आए दिन हादसे होते हैं, लेकिन कोई ठीक कराने वाला नहीं है. एक सालों से सड़क की स्थिति खराब है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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