कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिवाली के मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात कर एकजुटता का संदेश दिया. शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अपने आवास 5, सुनहरी बाग रोड पर आयोजित दिवाली मिलन कार्यक्रम में कांग्रेस के महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों, कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्यों और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया. इस दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर नेताओं से कहा कि वे जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहें और लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहें. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई एक दिन या एक महीने की नहीं है, बल्कि संविधान की गरिमा और उसकी पवित्रता कायम रखने तक जारी रहनी चाहिए. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा, ‘यह सरकार एक साल के भीतर गिर जाएगी.’
‘वोट चोरी’ अभियान को धार देने की तैयारी
राहुल गांधी का यह आयोजन ऐसे समय हुआ है, जब कांग्रेस कथित ‘वोट चोरी’ और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ तेज अभियान चलाए हुए हैं. पार्टी इस मुद्दे को लेकर अन्य विपक्षी दलों के साथ भी लगातार संपर्क में है.
रविवार 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित की थी. इससे एक दिन पहले विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ की कार्रवाई भी की थी. कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर चुनाव आयोग की भूमिका संतोषजनक नहीं रही है.
दिवाली मिलन को ऐसे समय में पार्टी नेताओं के बीच एकजुटता बनाए रखने और अभियान की गति बरकरार रखने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है. हालांकि, कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने इसे त्योहार के अवसर पर आपसी मेलजोल का आयोजन बताया.
महीने के आखिर में मणिपुर जा सकते हैं राहुल गांधी
इस बीच राहुल गांधी के इसी महीने के आखिर में मणिपुर दौरे पर जाने की भी खबर है. सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से हिंसा और खराब हालात का सामना कर रहे मणिपुर को लेकर कांग्रेस अपनी आवाज और तेज करना चाहती है. राहुल गांधी का प्रस्तावित दौरा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
कांग्रेस लगातार मणिपुर के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घेरती रही है. पार्टी का आरोप है कि राज्य में हिंसा और संकट के बावजूद केंद्र सरकार ने अपेक्षित राजनीतिक और प्रशासनिक गंभीरता नहीं दिखाई. ऐसे में राहुल गांधी का दौरा मणिपुर के मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में फिर से लाने की कोशिश हो सकता है. हालांकि, दौरे की तारीख और कार्यक्रम को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
दिवाली मिलन में 100 से ज्यादा नेता हुए शामिल
राहुल गांधी के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में 100 से अधिक नेता मौजूद थे. कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, सचिन पायलट और कुमारी सैलजा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.
बताया गया कि राहुल गांधी ने अलग-अलग टेबल पर जाकर नेताओं से बातचीत की, उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दीं और हल्के-फुल्के अंदाज में उनका हालचाल जाना.