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रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित आरएसएस के प्रांतीय कार्यालय पर गत 16 जून की रात हुए पेट्रोल बम हमले की जांच एनआईए ने आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर चुटिया थाने में दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या 85/26) को टेकओवर करते हुए एनआईए ने रांची थाने में (आरसी-01/2026/एनआइए/आरएनसी के तहत) केस री-रजिस्टर्ड किया है। इस संबंध में चुटिया थाना पुलिस ने मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कागजात और दस्तावेज एनआईए कोर्ट को सौंप दिए हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को मामले के एक अहम आरोपी सैफ अंसारी को, जो पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हो गया था, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रांची स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश के बाद उसे न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। इस पूरे प्रकरण में रांची पुलिस ने अब तक कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सभी लोहरदगा के रहने वाले हैं। इनमें से दो आरोपियों अमन अंसारी उर्फ गोलू (न्यू आजाद बस्ती, लोहरदगा) और सायम सुजान (पत्थलकुदवा, लोहरदगा) को गिरफ्तारी के दूसरे ही दिन न्यायिक हिरासत में होटवार जेल भेज दिया गया था। तीसरे आरोपी सैफ अंसारी लोहरदगा) को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा था। सैफ को गुरुवार को जेल भेज दिया गया, वहीं दो अन्य को 7 दिन के रिमांड पर लिया गया है। दुबई व पाक कनेक्शन तक पहुंचेगी एनआईए
जांच में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अमन अंसारी की दुबई आने-जाने की ट्रेवल हिस्ट्री मिली है। पूछताछ में उसने यह स्वीकार किया है कि दुबई प्रवास के दौरान उसकी मुलाकात पाकिस्तान के कुछ संदिग्ध लोगों से हुई थी। उन लोगों के दिशा-निर्देश पर उसने भारत में दहशत फैलाने के उद्देश्य से रांची स्थित आरएसएस कार्यालय में पेट्रोल बम फेंका। अब तक मिले सभी साक्ष्य खंगाल रही केंद्रीय एजेंसी
केस टेकओवर के बाद एनआईए की टीम ने रांची पुलिस के माध्यम से अब तक की जांच में जुटाए गए सभी वैज्ञानिक साक्ष्य, घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के पहले दर्ज किए गए बयानों की विस्तृत जानकारी ले ली है। रिमांड पर लेने के बाद एनआईए इन तीनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी।
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