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पठन अभियान के तहत मेरे शब्द-मेरी कहानी कार्यक्रम का आयोजन उत्क्रमित मध्य विद्यालय, रानीडीह में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाध्यापक सैयद इमाम ने बच्चों के बीच मुखर पठन कराकर की। उन्होंने सर्वप्रथम बच्चों को कहानी पढ़कर सुनाई। उन्होंने मुखर पठन से होने वाले विभिन्न लाभों की जानकारी दी। प्रधानाध्यापक ने बताया कि कहानी पढ़ते समय उचित गति, हाव-भाव, शुद्ध उच्चारण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ती है। उनके उच्चारण, भाषा-ज्ञान, आत्मविश्वास का विकास होता है। एक-एक कहानी पढ़ने का अवसर दिया गया। इस दौरान जेम्स योजना के फील्ड फैसिलिटेटर मुस्ताक अंसारी ने बच्चों में नियमित रूप से पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रतिदिन कुछ समय कहानी, कविता, अन्य उपयोगी पुस्तकों के पठन के लिए देना चाहिए। विद्यालय में बालिका सशक्तीकरण को लेकर भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। बालिकाओं को मुखर, आत्मविश्वासी, निडर बनाने के उद्देश्य से उन्हें अपनी बात खुलकर रखने तथा विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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