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लातेहार शहर के चटनाही रोड स्थित सौम्या मेडिकल दुकान में कथित तौर पर अवैध गर्भपात सेंटर चल रहा था। इसका खुलासा तब हुआ जब उसी दुकान के मेडिकल वेस्ट को उठाने के दौरान प्लास्टिक के थैले में 7 से 8 माह के भ्रूण के क्षत-विक्षत अवशेष मिले। ये अवशेष नगर पंचायत के सफाईकर्मियों को मिला। जानकारी के अनुसार सफाईकर्मी नियमित रूप से कचरा उठाने के दौरान जब एक प्लास्टिक की थैली में लहूलुहान भ्रूण के अवशेष देखे तो वे स्तब्ध रह गए। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना नगर पंचायत अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने इसकी जानकारी उपायुक्त संदीप कुमार और अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार को व्हाट्सएप के माध्यम से तस्वीर भेजकर दी। कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें देखें… एसडीओ ने की छापेमारी, मिले गर्भपात के सबूत उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर बीती रात एसडीओ दिनेश कुमार के नेतृत्व में सौम्या मेडिकल दुकान पर छापेमारी की गई। एसडीओ ने बताया कि सफाईकर्मियों द्वारा मिले भ्रूण के अवशेषों के आधार पर एक टीम गठित कर तत्काल कार्रवाई की गई। छापेमारी दल में प्रभारी सिविल सर्जन विवेक विद्यार्थी, अंचलाधिकारी नंदकुमार राम, थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन शामिल थे। टीम ने मेडिकल दुकान के साथ-साथ उसके पीछे संचालित परिसर की भी गहन तलाशी ली। प्रारंभिक जांच में वहां अवैध रूप से गर्भपात कराए जाने के स्पष्ट संकेत मिले हैं। जांच के दौरान गर्भपात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। मेडिकल दुकान और कैंपस किया सील कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक सागर कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बरामद भ्रूण को चिकित्सकीय जांच के लिए रांची भेजा जाएगा, ताकि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अंचलाधिकारी नंदकुमार राम ने बताया कि सूचना के आधार पर मेडिकल दुकान और उससे जुड़े कमरे को तत्काल सील कर दिया गया है। वहीं नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन ने खुलासा किया कि यह मेडिकल दुकान बिना ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रही थी। इसके अलावा दुकान के पीछे कथित रूप से एक अवैध अस्पताल भी चलाया जा रहा था, जिसे भी सील कर दिया गया है। प्रशासन और मेडिकल टीम द्वारा पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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