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बोकारो | समाहरणालय सभागार में बुधवार को डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने जिला समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की मैराथन समीक्षा की। बैठक में डीडीसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो सेविकाएं नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र नहीं चला रही हैं, उन्हें शो-कॉज जारी कर सीधी कार्रवाई करें। योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। डीडीसी ने निर्देश दिया कि जिले में सेविका और सहायिका के जितने भी पद खाली हैं, उन्हें आमसभा के जरिए तुरंत भरा जाए। मनरेगा, डीएमएफटी और लघु सिंचाई मद से बन रहे आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण काम जल्द पूरा कर उन्हें विभाग को हैंडओवर करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास जमीन या भवन नहीं है, उन्हें पोषक क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के खाली कमरों में शिफ्ट किया जाएगा। जल जीवन मिशन के तहत सभी केंद्रों में पाइप से पेयजल की सप्लाई और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित होंगी। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के सुसज्जीकरण एवं भोजन निर्माण के लिए ईंधन मद में प्रति वर्ष चार गैस सिलेंडर की राशि बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को उपावंटित कर दी गई हैं।
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