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झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात सभी कर्मियों और काफिले की तीन गाड़ियां शुक्रवार को लौटा दी हैं। वह अब बिना सुरक्षा के ही क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। बिना सुरक्षाकर्मियों के ही सुबह मंत्री पहले खेल गांव स्टेडियम एक कार्यक्रम में पहुंचे और फिर वहां से प्रोजेक्ट भवन सचिवालय गए। यह कदम राज्य सरकार द्वारा सुरक्षाकर्मियों के लिए एक अतिरिक्त वाहन उपलब्ध न कराए जाने के बाद उठाया गया है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। डीजीपी को लिखा था पत्र यह घटनाक्रम तब शुरू हुआ, जब मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कुछ दिनों पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने अपने सुरक्षा गार्डों के आवागमन के लिए एक अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने की मांग की थी। मंत्री का कहना था कि मौजूदा व्यवस्था में सुरक्षाकर्मियों को आने-जाने में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। डीजीपी की ओर से इस पत्र पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने से मंत्री किशोर नाराज हो गए। इसी नाराजगी के कारण उन्होंने यह कदम उठाया और अपनी सुरक्षा व्यवस्था वापस कर दी। 16 पुलिस जवानों के लिए तीन वाहन 29 जून को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने एक बार फिर डीजीपी को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, ‘मैंने आपको 21 अप्रैल को ही सूचित किया था कि मेरी सुरक्षा के लिए कुल 16 पुलिस बल उपलब्ध कराए गए हैं।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘पत्र के माध्यम से मैंने यह भी बताया था कि मात्र तीन सरकारी वाहनों में 16 पुलिस बलों को समायोजित करने में परेशानी होती है। वाहनों में पुलिस के जवानों को ठूंस कर बिठाना सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से उचित प्रतीत नहीं होता है। मैंने आवश्यकतानुसार 4 वाहनों के आवंटन के लिए आपको पत्र लिखा था, लेकिन इसका कोई उत्तर नहीं मिला। इसी बीच, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव पंकज कुमार सिंह द्वारा पुलिस महानिरीक्षक (प्रोविजन), महानिदेशक एव पुलिस महानिरीक्षक का कार्यलय के ज्ञापांक: 79/टी एस 11 अक्टूबर 20222 के आलोक में नोटिस निर्गत करते हुए कहा कि एक वाहन पुलिस मुख्यालय को वापस करने के लिए उपलब्ध कराया जाए। संयुक्त सचिव, वित्त विभाग द्वारा मेरे आप्त सचिव को दिए गए नोटिस मेरे लिए शर्मिंदगी का विषय है। अत: मैं वाहन सहित पुलिस बलों को वापस कर रहा हूं।
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