बोकारो | विस्थापित महाविद्यालय में मनोविज्ञान एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में युवाओं पर नशे का प्रभाव विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रिया कुमारी ने की। वक्ताओं ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि अधिकांश किशोर 12 से 18 वर्ष की आयु में नशे की चपेट में आते हैं। शराब, ड्रग्स और तंबाकू के अलावा मोबाइल व ऑनलाइन गेमिंग भी नशे का ही रूप हैं। यह लत मस्तिष्क के अनुमस्तिष्क एवं हिप्पो-कैम्पस को प्रभावित कर शरीर का संतुलन और याददाश्त कमजोर करती है। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. जगदम्ब लाल सिंह व अन्य वक्ताओं ने कहा कि नशे से हर साल लाखों जानें जाती हैं। इसके खात्मे के लिए परिवार, समाज और शिक्षण संस्थानों को मिलकर प्रयास करने होंगे। प्राचार्य डॉ. प्रिया ने बताया कि कॉलेज में 27 जुलाई से एक अगस्त तक विभिन्न विषयों पर संगोष्ठियां आयोजित हो रही हैं, जिससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है। कार्यक्रम में डॉ. मीना कुमारी, डॉ. नीता रानी, रश्मि रेणु बाला कुजूर, प्रो. जनार्दन प्रसाद सिंह, प्रो. नईम अंसारी, प्रो. अरविंद कुमार चौधरी सहित छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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