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Saturn Retrograde: जुलाई में शनि मीन राशि में वक्री होंगे यानी उल्टी चाल चलेंगे. देवघर के ज्योतिषाचार्य का कहना है कि इस वजह से जुलाई में तीन राशियों के जीवन में उथल-पुथल मच सकती है. कौन सी हैं वो तीन राशियां और इससे बचने का उपाय क्या है, जानते हैं.
देवघर. जुलाई का महीना शुरू होने वाला है और इसके साथ ही ग्रह-नक्षत्रों की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. ज्योतिषशास्त्र में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है. मान्यता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. जब शनि की कृपा किसी व्यक्ति पर होती है तो उसके जीवन में तरक्की, सम्मान और सफलता के नए रास्ते खुलते हैं, लेकिन जब शनि की दृष्टि प्रतिकूल हो जाती है तो अच्छे-भले कामों में भी रुकावट आने लगती है.
ऐसे में जुलाई का महीना तीन राशियों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि शनि देव मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं. वक्री होने का मतलब है कि शनि अपनी सीधी चाल छोड़कर उल्टी दिशा में चलते हुए दिखाई देंगे. इसका प्रभाव तीन राशियों पर बेहद नकारात्मक पड़ सकता है. कौन सी हैं वह तीन राशियां, जानते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य से? साथ ही ये भी कि इसका उपाय क्या है.
क्या कहते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य
देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि शनि की वक्री चाल अक्सर लोगों के जीवन में पुराने अधूरे काम, रुके हुए मामले और मानसिक दबाव को बढ़ाने का काम करती है. जुलाई में शनि मीन राशि में ही वक्री होंगे, जिसका प्रभाव तीन राशियों कुंभ, मीन और मेष राशि में नकारात्मक पड़ने वाला है. कई बार व्यक्ति को लगता है कि उसकी मेहनत का फल नहीं मिल रहा है या उसके काम बार-बार अटक रहे हैं. ऐसे समय में धैर्य बनाए रखना सबसे बड़ी परीक्षा होती है. उन्होंने कहा कि जुलाई के दौरान लोगों को जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए.
इन तीन राशियों के जीवन में मचेगी उथल-पुथल
कुंभ राशि वालों के लिए यह समय विशेष रूप से सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है. नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. काम का दबाव बढ़ने से मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है. अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ विचारों का टकराव होने की संभावना बनी रहेगी. व्यापार करने वाले लोगों को किसी भी नए सौदे या निवेश से पहले पूरी जानकारी जुटानी चाहिए. आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचना बेहतर रहेगा. परिवार में भी छोटी-छोटी बातों को लेकर बहस हो सकती है, इसलिए वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा.
मीन राशि वालों के लिए शनि का वक्री होना मन की अशांति और उलझन बढ़ा सकता है. कई बार ऐसा महसूस हो सकता है कि मेहनत के बावजूद परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं मिल रहे हैं. मन बार-बार विचलित रहेगा और निर्णय लेने में परेशानी हो सकती है. कुछ लोगों को अनावश्यक खर्चों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक दबाव महसूस होगा. स्वास्थ्य के मामले में भी लापरवाही भारी पड़ सकती है. नींद की कमी, तनाव, थकान और सिरदर्द जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. ऐसे समय में अपने स्वास्थ्य और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा.
मेष राशि वालों के लिए भी जुलाई का महीना धैर्य और संयम की परीक्षा लेने वाला साबित हो सकता है. कई कामों में देरी होने से निराशा बढ़ सकती है. जो लोग लंबे समय से किसी सफलता का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें थोड़ा और धैर्य रखने की जरूरत होगी. व्यापार और नौकरी दोनों क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है. कुछ लोगों को अपने करीबी लोगों से अपेित सहयोग नहीं मिल पाएगा, जिससे मन दुखी रह सकता है. पारिवारिक मामलों में भी गलतफहमियां पैदा होने की संभावना है, इसलिए बातचीत के दौरान शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए.
उपाय : अभी से हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ना शुरू कर दें. एक सौ बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि शांत हो जाएंगे.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें