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शुरुआत में धैर्य मांगती है चंदन की खेती, बाद में कमवा सकती...


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शुरुआत में धैर्य मांगती है चंदन की खेती, बाद में कमवा सकती है लाखों-करोड़ों

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Palamu White Sandalwood Farming: पलामू के डॉ. कौशल किशोर ने सफेद चंदन की खेती शुरू की है. उनका मानना है कि सही तकनीक से किसान इस फसल से करोड़ों कमा सकते हैं. हालांकि इसकी खेती करते समय धैर्य रखना होता है. शुरुआती देखभाल के बाद यह अच्छा परिणाम देती है और बाजार में हाथों-हाथ बिकती है.

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पलामू. किसान आज के आधुनिक दौर में खेती के लिए भी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. पारंपरिक खेती के साथ अब किसान वृक्ष आधारित खेती की ओर भी तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं. इसी क्रम में सफेद चंदन की खेती किसानों के लिए भविष्य की सबसे लाभदायक फसल मानी जा रही है. पलामू जिले के डाली क्षेत्र में एक पर्यावरणविद ने कर्नाटक से सफेद चंदन के करीब 200 पौधे मंगाकर चंदन बागान तैयार किया है. उनका मानना है कि अगर सही तकनीक से चंदन की खेती की जाए तो आने वाले वर्षों में किसान लाखों ही नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये तक की आय अर्जित कर सकते हैं.

शुरुआत में दूसरे पौधों के सहारे बढ़ता है चंदन
पर्यावरणविद डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने लोकल18 को बताया कि चंदन का पौधा सामान्य पेड़ों की तरह नहीं होता. शुरुआती अवस्था में यह अर्ध-परजीवी (Semi-Parasitic) पौधा होता है, जो अपनी वृद्धि के लिए आसपास लगे दूसरे पौधों की जड़ों से पोषक तत्व लेता है. इसलिए चंदन के साथ अमरूद, अरहर, करंज, नीम या दूसरे उपयुक्त पौधे लगाना आवश्यक माना जाता है. जैसे-जैसे चंदन का पौधा बड़ा होता है, वह खुद फोटोसिंथेसिस के माध्यम से अपना भोजन तैयार करने लगता है.

एक बार लगाएं, वर्षों तक मिले बेहतर मुनाफा
उन्होंने कहा कि चंदन की खेती में धैर्य की जरूरत होती है. यह जल्दी तैयार होने वाली फसल नहीं है, लेकिन परिपक्व होने के बाद इसकी लकड़ी की बाजार में काफी मांग रहती है. किसान अगर लगभग 10×10 फीट की दूरी पर पौधे लगाकर उचित देखभाल करें, तो लंबे समय में यह खेती आर्थिक रूप से बेहद लाभदायक साबित हो सकती है. इसके साथ किसान शुरुआती वर्षों में सहफसली खेती कर अतिरिक्त आय भी पा सकते हैं.

कीमती लकड़ी से मिल सकती है बड़ी कमाई
चंदन की लकड़ी अपनी सुगंध, औषधीय गुणों और धार्मिक उपयोग के कारण बेहद मूल्यवान मानी जाती है. इसका उपयोग इत्र, अगरबत्ती, पूजा सामग्री, आयुर्वेदिक दवाओं और कई कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है. बाजार में इसकी कीमत गुणवत्ता और सरकारी नियमों के अनुसार काफी अधिक हो सकती है. इसलिए परिपक्व चंदन के पेड़ किसानों के लिए एक मजबूत दीर्घकालिक निवेश साबित हो सकते हैं.

फलदार पौधों के साथ अपनाएं मिश्रित खेती
उन्होंने यह भी कहा कि किसान चंदन के साथ फलदार पौधे या दलहनी फसलें लगाकर शुरुआती वर्षों में नियमित आय पा सकते हैं. जहां फलदार पौधों से एक-दो वर्ष में कमाई शुरू हो जाती है, वहीं चंदन लंबे समय में बड़ी आर्थिक सुरक्षा देता है. अगर किसान वैज्ञानिक सलाह और सरकारी नियमों का पालन करते हुए इसकी खेती करें, तो वृक्ष आधारित खेती उनकी आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बन सकती है.

About the Author

Raina Shukla

Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…

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