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Deoghar Shravani Mela Preparation: देवघर में 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेले की तैयारियां अंतिम दौर में हैं. इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आसानी से जल अर्पण करने की व्यवस्था और अनुशासन पर खास ध्यान दिया जा रहा है. इस बार मंदिर में मोबाइल अंदर ले जाने पर भी प्रतिबंध लग सकता है.
देवघर. विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेले को लेकर तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं. हर साल सावन के महीने में देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों की भीड़ को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने कई नई व्यवस्थाओं पर काम शुरू कर दिया है. इस बार पूरा फोकस सिर्फ भीड़ को नियंत्रित करने पर ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम जलार्पण और मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखने पर भी है. प्रशासन का मानना है कि जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक तकनीक के साथ मजबूत करना जरूरी हो गया है. यही वजह है कि इस बार श्रावणी मेले में कई ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जो पहले कभी लागू नहीं किए गए थे.
इस बार मोबाइल और डबल डेकर वाहनों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार
बांस-बल्ली के सहारे कई मालवाहक वाहनों को डबल डेकर बना दिया जाता है और वे बड़े पैमाने पर मेला क्षेत्र में प्रवेश करते हैं. लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल ऐसे वाहनों को मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. सबसे बड़ा बदलाव मोबाइल फोन को लेकर देखने को मिल सकता है. प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रहा है कि श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन के साथ मंदिर परिसर में प्रवेश न दिया जाए. इसके पीछे उद्देश्य किसी प्रकार की असुविधा पैदा करना नहीं, बल्कि दर्शन व्यवस्था को अधिक सरल और सुरक्षित बनाना है.
लागू हो सकती है यह व्यवस्था
अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग गर्भगृह या मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद फोटो और वीडियो बनाने में लग जाते हैं. इससे कतार की गति धीमी हो जाती है और पीछे खड़े हजारों श्रद्धालुओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है. इसके अलावा भीड़भाड़ के दौरान अनावश्यक रिकॉर्डिंग और मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से सुरक्षा एजेंसियों के सामने भी कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं. इन्हीं सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी में जुटा है.
इस साल क्लॉक रूम की भी तैयारी
अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर परिसर के बाहर मोबाइल सुरक्षित रखने की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी. प्रशासन क्लॉक रूम तैयार कर रहा है, जहां श्रद्धालु अपना मोबाइल जमा कर निश्चिंत होकर बाबा का जलार्पण कर सकेंगे. इन क्लॉक रूम में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे और पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती भी रहेगी, ताकि मोबाइल जमा करने और वापस लेने की प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित रहे. प्रशासन का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
AI आधारित कैमरे लगाए जाएंगे
इस बार श्रावणी मेले की सुरक्षा पूरी तरह तकनीक के सहारे मजबूत की जा रही है. दुम्मा प्रवेश द्वार पर अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित कैमरे लगाए जाएंगे. ये कैमरे सिर्फ निगरानी ही नहीं करेंगे, बल्कि मेले में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का वास्तविक आकलन भी करेंगे. इससे प्रशासन को हर समय यह जानकारी मिलती रहेगी कि किस स्थान पर कितनी भीड़ है और जरूरत पड़ने पर तुरंत भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था लागू की जा सकेगी. आधुनिक तकनीक का उपयोग मेले के संचालन को पहले से अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
900 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे मेला क्षेत्र में
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए इस बार पूरे मेला क्षेत्र में करीब 900 CCTV कैमरों का जाल बिछाया जाएगा. इनमें 25 अत्याधुनिक PTZ कैमरे भी शामिल होंगे, जो दूर तक घूमकर हर गतिविधि पर नजर रखने में सक्षम हैं. मंदिर परिसर, प्रमुख मार्ग, संवेदनशील स्थान, प्रवेश और निकास द्वार सहित पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी एकीकृत कंट्रोल रूम से की जाएगी. इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी NSG की टीम भी मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का आकलन कर चुकी है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से पहले ही निपटा जा सके.
प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे देवघर
श्रावणी मेले में हर दिन लाखों शिवभक्तों के देवघर पहुंचने की संभावना है. ऐसे में जिला प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सहज वातावरण में बाबा बैद्यनाथ का दर्शन और जलार्पण करने का अवसर मिले. मोबाइल प्रतिबंध से लेकर एआई आधारित निगरानी और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था तक, इस बार मेले की तैयारियां यह संकेत दे रही हैं कि प्रशासन आस्था और सुरक्षा के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नई व्यवस्थाएं जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं और श्रद्धालुओं के अनुभव को किस हद तक बेहतर बना पाती हैं.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें