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स्वास्थ्य मंत्री का 15 दिनों का अल्टीमेटम: अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार न होने पर होगी कड़ी कार्रवाई, मिलेंगे चार-चार अतिरिक्त एंबुलेंस राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जवाबदेह, सुदृढ़ और जनोन्मुखी बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्धारित अवधि के भीतर अस्पतालों की व्यवस्था में ठोस और दिखाई देने वाला सुधार होना चाहिए, अन्यथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने राज्य के सभी सिविल सर्जनों, डीएस (DS) और विभागीय अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक मैराथन समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अस्पतालों की कार्यप्रणाली, चिकित्सकों की उपलब्धता, दवा आपूर्ति, एंबुलेंस सेवा और मानसून के दौरान स्वास्थ्य तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रत्येक सदर और रेफरल अस्पताल को मिलेंगी 4-4 अतिरिक्त एंबुलेंस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के सभी सदर और रेफरल अस्पतालों को चार-चार अतिरिक्त एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएंगी। यह व्यवस्था वर्तमान 108 एंबुलेंस सेवा से अलग होगी, ताकि गंभीर मरीजों को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस संचालन को और प्रभावी बनाने के लिए अस्पतालों को तकनीकी संसाधन और टैबलेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी भी मरीज को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित सिविल सर्जन और डीएस की होगी। मानसून को लेकर विशेष तैयारियां और कड़े निर्देश: संक्रामक बीमारियों पर नजर: स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर और अन्य संक्रामक बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी होती है। इसे देखते हुए सभी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, बेड, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी अस्पताल में दवा या संसाधनों की कमी की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही जनता के साथ अन्याय के समान है। मुख्यालय छोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी: डॉ. इरफान अंसारी ने सिविल सर्जनों को कड़ा निर्देश दिया कि वे सदर अस्पताल परिसर में ही निवास करें, ताकि आपात स्थिति में तत्काल उपलब्ध रह सकें। बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। भयमुक्त कार्य प्रणाली: उन्होंने कहा कि अधिकारियों को भयमुक्त होकर काम करना चाहिए और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाली बाधाओं को दूर करना चाहिए। जनता की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता: स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है; इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने विभागीय कर्मचारियों के लंबित भुगतानों को भी जल्द से जल्द जारी करने का आश्वासन दिया।
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