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भास्कर न्यूज| सरायकेला सहकारिता सप्ताह के सातवें एवं अंतिम दिन रविवार को संयुक्त सहकारिता भवन, सरायकेला में जिले के सभी एमपीसीएस (लैंपस) प्रतिनिधियों के लिए एक दिवसीय जागरूकता एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लैंपसों की व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार कर उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना था। कार्यशाला का उद्घाटन सहायक निबंधक, सहयोग समितियां, सरायकेला अंचल के राजीव रंजन ने किया। उन्होंने कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी और लैंपसों को इससे जुड़कर आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कार्यों के अलावा किसान दुकान, स्टेशनरी दुकान, जन औषधि केंद्र, पशु औषधि केंद्र, जल जीवन मिशन, गैस एजेंसी तथा पेट्रोल पंप जैसे व्यवसायों में भी लैंपस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जिला सहकारिता पदाधिकारी जगमनी टोपनो ने धान अधिप्राप्ति योजना के अतिरिक्त सरायकेला-खरसावां जिले में उपलब्ध वनोपज आधारित संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने इमली, महुआ, नीम, सतकुआ, करंज सहित अन्य वनोपजों के संग्रहण और विपणन को आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम बताया। साथ ही किसानों को दलहन, अरहर, उड़द, मूंग एवं मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया। फसल बीमा समय पर कराने का भी आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न लैंपसों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों के लैम्पस अध्यक्ष, सचिव, कार्यकारिणी सदस्य, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, वरीय अंकेक्षण पदाधिकारी तथा विभागीय कर्मी उपस्थित रहे।
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