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Lakshmi Kamal Plant: गार्डनिंग के शौकीन लोग अपने घर को खूबसूरत बनाने के लिए तरह-तरह के पौधे लगाते हैं, जिनमें सक्युलेंट यानी लक्ष्मी कमल का पौधा भी काफी पसंद किया जाता है. इसकी खासियत है कि इसकी पत्तियों में पानी जमा रहता है, जिससे इसे बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं होती. लोग इसे घर के इंडोर और आउटडोर दोनों जगहों पर लगाते हैं, लेकिन सर्दियों में सही देखभाल नहीं मिलने से सक्युलेंट खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में बोकारो के ठाकुर नर्सरी के एक्सपर्ट अभिषेक ने सक्युलेंट यानी लक्ष्मी कमल के पौधे को सर्दियों में सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी टिप्स साझा किए हैं. आइये जानते हैं इसके बारे में.
नर्सरी एक्सपर्ट अभिषेक के मुताबिक, सर्दियों में सक्युलेंट और लक्ष्मी कमल के पौधे को सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले उसकी जगह का ध्यान रखना जरूरी है. क्योंकि कई लोग इसे घर के अंदर रखते हैं. जहां पर्याप्त रोशनी नहीं मिल पाती है. ऐसे में पौधे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है. ऐसे में इसे ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां रोजाना लगभग 3-4 घंटे धूप मिल सके, लेकिन, ठंड और पाले से बचाने के लिए पौधे को सुरक्षित जगह पर रखना भी जरूरी है.
सक्युलेंट की पत्तियों में पहले से ही पानी जमा रहता है, इसलिए इसे बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं होती है. सर्दियों में अधिक पानी देने से पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं और पूरा पौधा खराब हो सकता है. ऐसे में मिट्टी की नमी जांचने के बाद ही पानी देना चाहिए ,आमतौर पर सर्दियों में 7-10 दिनों के अंतराल पर पानी देने की जरूरत पड़ सकती है.
लक्ष्मी कमल और अन्य सक्युलेंट पौधों के लिए ऐसी मिट्टी का चुनाव करना चाहिए, जिसमें पानी जमा न हो और अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाए. इसके लिए कोको चिप्स, परलाइट और थोड़ी मात्रा में उपयुक्त मिट्टी या लीफ कंपोस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है. हल्का और अच्छी जल निकासी वाला मिट्टी मिश्रण पौधे की जड़ों को सड़ने से बचाने में मदद करता है. भारी मिट्टी में पानी अधिक समय तक जमा रह सकता है, जिससे पौधे को नुकसान पहुंच सकता है.
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वहीं, सक्युलेंट के पौधे के लिए ऐसे गमले का इस्तेमाल करना चाहिए, जिसके निचले हिस्से में पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद हों. इसलिए नर्सरी पॉट भी इसके लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं. गमले में पानी जमा होने से जड़ों के सड़ने का खतरा बढ़ जाता है. सर्दियों में सक्युलेंट को ठंडी हवा और पाले से बचाने के लिए ऐसी जगह रखें, जहां सुबह की धूप मिलती हो और पौधे पर सीधे पाले का असर न पड़े. इसके लिए किसी सुरक्षित शेड या घर के ऐसे हिस्से का चुनाव किया जा सकता है. जहां प्राकृतिक रोशनी आती हो और पौधे को ठंड से बचाने के चक्कर में उसे लंबे समय तक अंधेरे या बिना हवा वाली जगह पर न रखें.
सक्युलेंट के लिए मिट्टी तैयार करते समय कोको चिप्स और थोड़ी मात्रा में लीफ कंपोस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, इसमें खाद की अधिक मात्रा डालने से बचना चाहिए. पौधे की जरूरत और उसकी ग्रोथ के अनुसार ही खाद डालें. अगर सक्युलेंट की पत्तियों पर फंगस, धब्बे या कीट दिखाई देते हैं, तो सबसे पहले पौधे की स्थिति और समस्या की पहचान करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर पौधों के लिए फफूंदनाशक का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा पौधे को अधिक नमी से बचाएं और खराब पत्तियों को समय पर हटा दें.
अगर सक्युलेंट का पौधा अच्छी तरह बढ़ रहा है और उसके किनारों पर नए छोटे पौधे निकल रहे हैं, तो उन्हें सावधानीपूर्वक अलग करके दूसरे गमले में लगाया जा सकता है. हालांकि, सर्दियों में पौधे की ग्रोथ धीमी होने पर कटिंग और रिपॉटिंग से बचना बेहतर विकल्प है. क्योंकि आमतौर पर सर्दियों में स्ट्रेस के कारण पौधा कि ग्रोथ भी प्रभावित हो सकती है.