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हरी सब्जियां लगाते हुए भूलकर भी ना करें ये गलतियां, वरना हो...


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हरी सब्जियां लगाते हुए भूलकर भी ना करें ये गलतियां, नहीं तो हो सकता है नुकसान

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मेरठ के ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ फसल की तैयारियां शुरू हो गई हैं. जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने किसानों को जुताई के बाद खेत खाली रखने, मचान तकनीक से हरी सब्जियों की खेती करने और हाईटेक नर्सरी से पौधे लेने की सलाह दी है. इससे फसल की पैदावार बढ़ने के साथ किसानों की आय भी बेहतर हो सकती है.

मेरठ: क्रांति धरा मेरठ के ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ फसल की बुवाई को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिसमें किसानों द्वारा विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियों की खेती की जाएगी. लेकिन खरीफ के मौसम में कई तरह के बदलाव भी देखने को मिलते हैं, जैसे आंधी, तेज धूप और बारिश की संभावना बनी रहती है, जिससे कई बार हरी सब्जियों को नुकसान भी होता है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए लोकल-18 की टीम ने जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार से खास बातचीत की.

जुताई के बाद 15 दिन खेत खाली रखना जरूरी

उन्होंने बताया कि जो भी किसान खरीफ की फसल लगाना चाहते हैं, उन्हें जुताई के बाद कम से कम 15 दिन तक खेत खाली छोड़ना चाहिए, क्योंकि जब खेत खुले रहते हैं तो सूर्य की किरणों से विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया और हानिकारक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जो फसल को नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा कि जो किसान तुरंत बुवाई कर देते हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है.

मचान पर लगाएं हरी बेल वाली सब्जियां

उन्होंने बताया कि जो किसान लौकी, तोरई, खीरा, हरी मिर्च जैसी सब्जियों की खेती करना चाहते हैं, उन्हें खेत में मचान बनाकर बेल को ऊपर चढ़ाना चाहिए. इससे फसल बेहतर होती है, क्योंकि बारिश के मौसम में जमीन पर बेल रहने से पानी भरने की समस्या होती है, जिससे फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.

उन्होंने कहा कि जब बेल के पत्ते ऊपर रहते हैं तो बरसात में भी फसल को फायदा मिलता है. इस तकनीक से किसान हर साल अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होती है.

नर्सरी से भी ले सकते हैं पौधे

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि किसान मेरठ की हाईटेक नर्सरी से भी सब्जियों के पौधे प्राप्त कर सकते हैं. यहां पर किसान अपना बीज देकर 1 रुपये प्रति पौधा और नर्सरी से तैयार पौधे 2 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से ले सकते हैं. इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है.

उन्होंने कहा कि यदि किसान इन बातों का ध्यान रखें तो न केवल उनकी फसल सुरक्षित रहेगी, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी मजबूत बन सकते हैं.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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