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मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। शनिवार देर रात लापुंग के जरिया मंगराटोली गांव में हाथियों का झुंड घुस आया। हाथियों ने धान के बिचड़े और मड़ुआ की फसल रौंद दी। इस दौरान एक हाथी ने शिक्षक बेंजामिन के घर की बाउंड्री भी तोड़ दी। ग्रामीणों ने एकजुट होकर हाथियों को खदेड़ा, जिसके बाद झुंड डंगरा जंगल की ओर लौटने लगा। इसी दौरान एक हाथी जंगल किनारे खेत में बने कुएं में गिर गया, जबकि बाकी हाथी जंगल की ओर चले गए। हाथी के कुएं में गिरने की सूचना रात करीब 12 बजे ग्रामीण सुशील बरला और अनमोल बरला ने वन विभाग को दी। तब बेड़ो रेंज की रेंजर गायत्री देवी के निर्देश पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। वनरक्षी सुभाषचंद्र प्रमाणिक ने ग्रामीण रामकिशोर सिंह से पोकलेन मशीन मंगवाकर कुएं के समानांतर ढलान बनाने का काम शुरू कराया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद कुएं के एक किनारे की मिट्टी काटकर रास्ता तैयार किया गया। जैसे ही ढलान तैयार हुई, हाथी तेजी से बाहर निकला और जंगल की ओर चला गया। रांची में हाथियों का आतंक कायम
रांची के बेड़ो, लापुंग, रातू, ओरमांझी, अनगड़ा और आसपास के इलाकों में बरसात शुरू होते ही हाथियों का मूवमेंट बढ़ गया है। पिछले छह माह में तीन लोगों को हाथी ने कुचल कर मार दिया, वहीं चार लोग घायल हो गए। हाथियों को घेरने का प्रयास न करें
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गांव में अचानक हाथियों का झुंड आ जाए तो उसके पास जाने या उन्हें घेरने का प्रयास न करें। वन विभाग को तुरंत सूचना दें। पटाखे, तेज रोशनी या शोर तभी करें, जब वन विभाग की टीम निर्देश दे। बच्चों और बुजुर्गों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। अकेले खेत या जंगल की ओर न जाएं। हाथी के रास्ते में वाहन या ट्रैक्टर खड़ा न करें।
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