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बोकारो में 125 साल पुराना बरगद का पेड़ आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इसकी 100 से अधिक शाखाएं और जटाएं जमीन में धंस चुकी हैं. अत्यधिक फैलाव के कारण यह एक छोटे जंगल जैसा दिखता है. भीषण गर्मी में लोग इसकी ठंडी छांव में सुकून पाते हैं. यह पेड़ दो गांवों के जुड़ाव का प्रतीक है.
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में एक ऐसा बरगद का पेड़ है, जो पर्यावरण प्रेमियों और आम लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है. चंदनक्यारी प्रखंड के भिस्की और सिमुलिया गांव के बीच स्थित यह विशाल बरगद का पेड़ करीब 125 वर्ष पुराना है. अपने अत्यधिक फैलाव और घनी शाखाओं के कारण अब यह सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि एक छोटे जंगल का रूप ले चुका है.
गर्मियों के इस मौसम में भीषण धूप और चिलचिलाती लू से बचने के लिए यहां ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ उमड़ती है. लोग इसकी ठंडी छांव में बैठकर सुकून के पल बिताते हैं. ग्रामीणों के लिए यह पेड़ केवल एक वनस्पति नहीं, बल्कि उनके गांव की अनमोल धरोहर और पहचान बन चुका है.
100 से अधिक शाखाएं और जमीन में धंसी जटाएं
इस ऐतिहासिक बरगद के पेड़ की खासियत इसका असीमित फैलाव है. पेड़ से करीब 100 की संख्या में मोटी-मोटी शाखाएं और जटाएं (लटें) निकली हैं, जो नीचे जमीन तक पहुंच चुकी हैं. स्थानीय ग्रामीण भोलानाथ महतो बताते हैं कि वे बचपन से ही इस पेड़ को इसी विशाल रूप में देख रहे हैं. इसकी 50 से अधिक जटाएं अब जमीन के अंदर जड़ पकड़कर खुद एक नए मजबूत तने का रूप ले चुकी हैं. यही वजह है कि दूर से देखने पर यह पूरा इलाका एक छोटा सा जंगल नजर आता है.
दो गांवों के आपसी जुड़ाव और सामाजिक बैठकों का केंद्र
ग्रामीण रविंद्रनाथ महतो के अनुसार, यह बरगद का पेड़ भिस्की और सिमुलिया गांव के बीच आपसी सौहार्द और जुड़ाव का बड़ा प्रतीक है. गांव की पंचायतें, महत्वपूर्ण बैठकें, सामाजिक चर्चाएं और त्योहारों के आयोजन इसी पेड़ की छांव तले होते हैं.
आज के डिजिटल दौर में भी यह पेड़ बुजुर्गों के लिए चौपाल और बच्चों के लिए खेल का मैदान बना हुआ है. सुबह और शाम के वक्त बुजुर्ग यहां बैठकर पुरानी यादें साझा करते हैं, तो वहीं बच्चे इसकी जटाओं को झूला बनाकर खेलते हैं. यह बरगद आज के समय में प्रकृति और मानव के गहरे रिश्ते की अद्भुत मिसाल पेश कर रहा है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.