रांची4 घंटे पहले
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राजधानी रांची में रविवार से ऑनलाइन कैब चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होने जा रही है, जिसका सीधा असर आम यात्रियों की आवाजाही पर पड़ेगा। ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े करीब 4000 टैक्सी चालक अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर काम बंद रखेंगे।
झारखंड प्रदेश टैक्सी यूनियन का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद कंपनियों द्वारा किराया दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे चालकों की आमदनी लगातार घट रही है। यूनियन ने आरोप लगाया है कि निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक नहीं लगाई जा रही है, जिससे कमर्शियल टैक्सी चालकों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा ड्राइवर आईडी बंद करने, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर मूलभूत सुविधाओं की कमी तथा एजेंटों की कथित मनमानी जैसे मुद्दों पर भी लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं।
यूनियन के अनुसार, पहले ही कंपनियों को मांगपत्र सौंपा गया था और हड़ताल की चेतावनी दी गई थी, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण आंदोलन का निर्णय लिया गया। रांची के साथ जमशेदपुर और बोकारो के चालक भी इस हड़ताल में शामिल होंगे, जिससे लगभग 13 हजार से अधिक ड्राइवर प्रभावित रहेंगे। हड़ताल के चलते एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और शहर के विभिन्न इलाकों में ऑनलाइन कैब सेवा पूरी तरह बाधित हो सकती है।
क्या-क्या परेशानी होगी
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हो सकती है, खासकर सुबह और देर रात की फ्लाइट वाले यात्रियों को।
रेलवे स्टेशन आने-जाने वालों को ट्रेन पकड़ने या घर लौटने में परेशानी हो सकती है।
अस्पताल जाने वाले मरीज और उनके परिजन, खासकर बुजुर्ग और आपात स्थिति वाले लोग प्रभावित हो सकते हैं।
महिलाओं और अकेले यात्रा करने वालों, खासकर रात के समय, के लिए सुरक्षित विकल्प सीमित हो सकते हैं।
