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Ranchi Capsicum Farming: रांची के घनश्याम 50 डिसमिल जमीन पर ऑर्गेनिक शिमला मिर्च उगाते हैं. वे पॉलीहाउस और जैविक खाद का उपयोग करते हैं, जिससे अच्छी कमाई होती है. किसी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल न करने और दाग-धब्बा रहित फसल उगने से उनके खरीदार दूर-दूर से आते हैं.
रांची. रांची के घनश्याम खासतौर पर 50 डिसमिल जमीन में शिमला मिर्च की खेती करते हैं और उनकी फसल काफी शानदार होती है. इसके लिए वह कुछ खास तरीके भी अपनाते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी शिमला मिर्च पूरी तरह ऑर्गेनिक होती है. वह सिर्फ ऑर्गेनिक खाद का प्रयोग करते हैं और अपनी फसल को खासतौर पर सुपरमार्केट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचने का काम करते हैं.
ऑर्गेनिक होने की वजह से यह दूसरे राज्यों में भी जाती है और इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है. उन्होंने बताया कि यह शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक होती है. हम लोग गोबर खाद, केंचुआ खाद, जामुन का सिरका, नीम का सिरका, किचन का जो वेस्ट निकलता है और सरसों की खली, यह सब मिलाकर अपनी खाद बनाते हैं. इसको ब्रह्मास्त्र खाद भी कहते हैं.
इस तरीके से करते हैं शिमला मिर्च की खेती
वे बताते हैं कि, शिमला मिर्च की खेती करने के लिए सबसे पहले हम लोग पॉलीहाउस का इस्तेमाल करते हैं. क्योंकि इसमें अधिक धूप और अधिक बारिश की जरूरत नहीं पड़ती. पॉलीहाउस में यह एकदम सुरक्षित रहती है. दूसरी बात, लतर के सहारे हम इसे ऊपर की तरफ ले जाते हैं. इसलिए बड़े-बड़े और लंबे स्टिक गाड़े जाते हैं, ताकि यह आराम से ऊपर की तरफ जा सके.
ऐसा करने का एक और फायदा यह है कि फसल जमीन को टच नहीं करेगी और उसमें दाग नहीं लगेंगे. साथ ही कीड़े लगने की संभावना भी काफी कम हो जाती है. दूसरी बात, इसे कीड़े-मकोड़ों से बचाने के लिए इसके चारों तरफ हमने गेंदे के फूल लगा दिए हैं. इससे फायदा यह है कि एक तो गेंदे के फूल भी हमें मिल जाते हैं, जो बाजार में बिकते हैं. वहीं गेंदे के फूल की महक इतनी स्ट्रांग होती है कि कीड़े आते ही नहीं हैं.
सुपरमार्केट वाले ले जाते हैं
दूसरे राज्यों में भी, खासतौर पर मेट्रो सिटी में, ऑर्गेनिक चीजों की काफी मांग होती है. जो व्यापारी होते हैं, वे सीधा हमसे खरीदकर ले जाते हैं. एक-एक बार में एक-एक टन आराम से ले जाते हैं. 3 महीने में लाख रुपये की कमाई तो हो जाती है, कभी-कभार इससे ऊपर भी हो जाती है. इस तरह स्मार्ट खेती से केवल एक फसल उगाकर रांची के घनश्याम बढ़िया कमाई कर रहे हैं. आप देख सकते हैं कि उनकी शिमला मिर्च कितनी साफ-सुथरी, बेदाग और अच्छी क्वालिटी की है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें