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टीवीके प्रमुख थलापति विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले हर परिवार को साल में 6 मुफ्त LPG सिलेंडर देने का बड़ा वादा किया था. अन्नपूर्णी सुपर 6 योजना ने गृहिणियों और मध्यम वर्ग के बीच तेजी से चर्चा बटोरी है. लेकिन राज्य की खराब आर्थिक स्थिति और बढ़ते कर्ज को देखते हुए इस योजना की व्यवहारिकता पर सवाल उठ रहे हैं.

थलापति के लिए विजय बनी चुनौती!
Free LPG Cylinder: तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों एक वादा सबसे ज्यादा चर्चा में है. हर परिवार को साल में 6 मुफ्त LPG सिलेंडर दिए जाएंगे. अभिनेता से नेता बने विजय थलापति की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने ‘अन्नपूर्णी सुपर 6’ योजना का ऐलान कर ऐसा सियासी दांव चला है, जिसने गृहिणियों से लेकर मध्यम वर्ग तक को अपना दीवाना बना दिया. महंगाई से परेशान लोगों को यह वादा मरहम की तरह लगा. लेकिन, दूसरी तरफ आर्थिक जानकार इस योजना को लेकर बड़े सवाल उठा रहे हैं. इन्हीं दावों ने चुनावी विजय के बाद थलापति की घबराहट बढ़ा दी है.
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय हालात ने गैस बाजार को पहले ही अस्थिर कर रखा है. ईरान-अमेरिका तनाव और ग्लोबल सप्लाई में दबाव के चलते एलपीजी की कीमतों में लगातार असर देखा जा रहा है. आलम यह है कि कमर्शियल सिलेंडर के दाम 3,239 रुपये तक पहुंच चुके हैं. इसका असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि होटल, रेस्तरां और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ रहा है. ऐसे माहौल में मुफ्त सिलेंडर का वादा आम लोगों को काफी लुभावना लग रहा है. वहीं, टीवीके का दावा है कि अगर उनकी सरकार बनी तो हर परिवार को साल में 6 सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे.
जनता के भरोसे पर विजय के लिए कहां से पैसा लाएंगे थलापति
लेकिन सवाल यह है कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा? अनुमान के मुताबिक इस योजना पर सरकार को हर साल करीब 12,408 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं. यही आंकड़ा अब विजय के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है. तमिलनाडु की आर्थिक हालत पहले से दबाव में बताई जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार 2026-27 तक राज्य पर कुल कर्ज करीब 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. ऐसे में इतनी बड़ी सब्सिडी योजना लागू करना आसान नहीं माना जा रहा है. आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरकार मुफ्त सिलेंडर जैसी बड़ी योजना लागू करती है, तो उसे या तो दूसरी योजनाओं में कटौती करनी होगी.
केंद्र की मेहरबानी दिला सकती है दावों पर विजय
हालांकि तेल कंपनियों के कुछ अधिकारी मानते हैं कि योजना पूरी तरह असंभव नहीं है. उनका कहना है कि अगर एक सिलेंडर की औसत कीमत 1,000 रुपये मानी जाए, तो एक परिवार पर सालाना लगभग 6,000 रुपये का खर्च आएगा. सरकार चाहे तो केंद्र की उज्ज्वला योजना की तरह सीधे लोगों के बैंक खातों में सब्सिडी ट्रांसफर कर सकती है. इससे भ्रष्टाचार और गड़बड़ी की संभावना भी कम होगी. इधर हाल के महीनों में गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर भी चिंता सामने आई थी. मार्च में अफवाहों और डर के कारण लोगों ने सामान्य से ज्यादा सिलेंडर बुक कर लिए थे, जिससे कई जगह कमी की स्थिति बन गई. हालांकि अब तेल कंपनियों का कहना है कि हालात सामान्य हो रहे हैं और दो दिनों के भीतर सिलेंडर डिलीवरी दी जा रही है.
सियासी तौर पर बेहद असरदार रही विजय की योजना
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नपूर्णी सुपर 6 योजना चुनावी नजरिए से बेहद असरदार साबित रही है. इस वादे ने खासतौर पर गृहिणियों और मध्यम वर्ग के बीच मजबूत पकड़ बनाने में मदद की है. लेकिन असली चुनौती विजय मिलने के बाद इस योजना को लागू करने की है. बढ़ती महंगाई, भारी कर्ज और आर्थिक दबाव के बीच विजय थलापति इस वादे को जमीन पर कैसे उतारेंगे, यही सवाल अब तमिलनाडु की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें