Last Updated:
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गृह मंत्री अमित शाह को स्वयंभू चाणक्य कहते हुए 17 अप्रैल की हार याद दिलाई. इस बीच तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसदों के दस्तखत वाला पत्र सामने आने से हड़कंप मच गया है. कयास लग रहे हैं कि विपक्षी पार्टियों में टूट या विलय की कोशिशें चल रही हैं. हालांकि कांग्रेस ने टीएमसी के विलय की खबरों को सिर्फ अफवाह बताया है.
जयराम रमेश ने अमित शाह को बताया ‘स्वयंभू चाणक्य’. (पीटीआई फोटो)
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र से पहले राजनीति उबाल मार रही है. एक तरफ, तृणमूल कांग्रेस में चुनावी हार के बाद सिर-फुटव्वल जारी है. तो दूसरी ओर, कांग्रेस मौके का फायदा उठाकर अतीत में छिटके साथियों को वापस लाना चाहती है. इस बीच, कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ‘स्वयंभू चाणक्य’ कहकर संबोधित किया है. इसके साथ ही उन्होंने 17 अप्रैल 2026 की उस घटना का जिक्र किया जब एनडीए सरकार संसद में दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाई थी. जयराम रमेश का दावा है कि सरकार परिसीमन से जुड़े बिल पर बुरी तरह हार गई थी. रमेश का दावा है कि उसी हार के बाद विपक्ष को तोड़ने की कोशिशें तेज हो गई हैं. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसदों का एक रहस्यमय पत्र सामने आया है. इस पत्र के बाद से ही कयासों का बाजार गर्म है. क्या वाकई विपक्ष में बड़ी टूट होने वाली है या फिर यह किसी नए सियासी गठबंधन की शुरुआत है.
जयराम रमेश ने अमित शाह पर स्वयंभू चाणक्य वाला तंज क्यों कसा?
जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें उन्होंने गृह मंत्री की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मानसून सत्र से पहले लोकसभा में बहुमत जुटाने का दबाव साफ दिख रहा है. उनके मुताबिक 17 अप्रैल को सरकार को बड़ी शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी. उस दिन परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक गिर गया था. एनडीए सरकार जरूरी दो-तिहाई आंकड़ा पार नहीं कर सकी थी. रमेश का आरोप है कि इसी हार से परेशान होकर अब विपक्ष को कमजोर करने का खेल खेला जा रहा है. वे लोकतंत्र का मजाक उड़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
इससे पहले कभी किसी ने लोकसभा में अपनी पार्टी के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने की ऐसी कोशिश नहीं की, जैसी केंद्रीय गृह मंत्री इन दिनों संसद के मानसून सत्र से पहले बेचैनी से कर रहे हैं। स्वयंभू चाणक्य को 17 अप्रैल, 2026 को अपमानित होना पड़ा था, जब NDA आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा…