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पश्चिम बंगाल के अलीपुर में सरकारी बिल्डिंग में लगी आग में करीब 4000 ईवीएम और वीवीपैट जलकर खाक हो गए हैं. इस मामले में अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी अरिंदम नियोगी ने चुनाव आयोग को 9 पन्नों की रिपोर्ट भेजी है. रिपोर्ट के मुताबिक अभी नुकसान का सही अंदाजा लगाना मुमकिन नहीं है. फोरेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है और प्रभावित इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है.
अलीपुर कलेक्ट्रेट में लगी आग में जल गईं सारी EVMs और VVPAT मशीनें. (Photo : PTI)
कोलकाता: अलीपुर की सरकारी नौ मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में करीब 4000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम और वीवीपैट जलकर खाक हो चुके हैं. यह सभी मशीनें हालिया विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल की गई थीं. इस बड़े हादसे के बाद अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरिंदम नियोगी ने जिला अधिकारियों के साथ मौके का दौरा किया. उन्होंने इस पूरी घटना पर चुनाव आयोग को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है. यह रिपोर्ट पूरे 9 पन्नों की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही असल नुकसान का पता चल पाएगा. पुलिस ने फिलहाल पूरे प्रभावित हिस्से को सुरक्षित घेरे में ले लिया है. वहां किसी के भी जाने पर पाबंदी लगा दी गई है.
अतिरिक्त चुनाव अधिकारी की 9 पन्नों की रिपोर्ट में क्या बड़े खुलासे हुए हैं?
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरिंदम नियोगी ने 12 जून 2026 को खुद घटनास्थल का दौरा किया. उनके साथ कई जिला अधिकारी भी मौजूद रहे. इसके बाद उन्होंने चुनाव आयोग को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी.
इस 9 पन्नों की रिपोर्ट में बताया गया है कि गोदाम में रखी ईवीएम और वीवीपैट को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके साथ ही एसएलयू और दूसरी चुनावी सामग्री भी जल गई है.
रिपोर्ट के अनुसार अभी नुकसान की सटीक सीमा का आकलन करना संभव नहीं है. पूरी फोरेंसिक जांच खत्म होने के बाद ही चुनाव आयोग को दूसरी विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी.
दक्षिण कोलकाता के अलीपुर इलाके की इस इमारत में दक्षिण 24 परगना जिला परिषद का दफ्तर भी है. राज्य के अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया. उन्होंने मीडिया से बातचीत में एक बेहद हैरान करने वाली बात कही. मंत्री के मुताबिक आग सबसे पहले दूसरी और तीसरी मंजिल पर देखी गई थी.
इसके बाद आग सीधे सातवीं और आठवीं मंजिल पर पहुंच गई. बीच की चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल इस आग से बिल्कुल प्रभावित नहीं हुईं. यही वजह है कि इसे सामान्य आग नहीं माना जा रहा है. प्रशासन को इसमें किसी बड़ी तोड़-फोड़ या साजिश की आशंका लग रही है.
फोरेंसिक जांच और पुलिस की कार्रवाई से क्या सच बाहर आएगा?
इस मामले में दक्षिण 24 परगना प्रशासन ने अलीपुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने इस केस के लिए स्पेशल फोरेंसिक एक्सपर्ट्स को नियुक्त किया है. यह टीम लगातार मौके से सैंपल जुटाने में लगी है. फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या जान-बूझकर लगाई गई थी. फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है. वहां किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है.
4000 ईवीएम जलने पर बंगाल की राजनीति में क्यों मचा है घमासान?
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है. विपक्षी दलों ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा है कि इसमें किसी बड़ी तोड़-फोड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. वहीं बीजेपी नेता राकेश सिंह ने इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया है. हालांकि अभी तक किसी भी नेता ने अपने दावों के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया है. दूसरी तरफ दमकल विभाग के अधिकारी अभी भी कूलिंग ऑपरेशन में जुटे हैं. बिल्डिंग के अंदर कुछ हिस्सों में अभी भी धुआं उठ रहा है.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) की गिनती हिंदी डिजिटल मीडिया के तेजी से उभरते चेहरों में होती है. वह News18हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज़ एडिटर की भूमिका में जुड़े हैं. प्रिंट से डिजिटल का रुख करने वाले दीपक के पास पत्र…और पढ़ें