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Ranchi Baba Ramdev VK Pandey Story: रांची के आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे, जिन्हें लोग बाबा रामदेव कहते हैं. वह माइग्रेन और घुटने के दर्द को 10 से 15 दिन में लाइफस्टाइल और आयुर्वेदिक दवाओं से ठीक करने का दावा करते हैं. आइये जानते हैं उनके बारे में.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे सरकारी डॉक्टर हैं. आज उनको लोकल लोग ‘बाबा रामदेव’ बोलते हैं, लेकिन यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था. वीके पांडे बताते हैं कि एक समय था, जब मात्र ₹300 के लिए 200 किलोमीटर तक वह ट्रेन से सफर करते थे, लेकिन आज आलम यह है कि जो भी मरीज उनके पास आते हैं, 10 दिनों में माइग्रेन ठीक करने का वह दावा करते हैं. आइये जानते हैं उनके बारे में.
आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे बताते हैं कि घुटना दर्द व घुटने से कट-कट की आवाज यह सारी चीज भी वह ठीक करते हैं और यह बीमारी वह लाइफस्टाइल और खाने की हैबिट की मदद से ठीक करते हैं. बाकी थोड़ी आयुर्वेदिक दवाई भी देते हैं. जो पूरी तरह आयुर्वेदिक होती है, इसका कोई साइड इफेक्ट बिल्कुल भी नहीं है.
संघर्ष से भरा रहा है जीवन
वीके पांडे बताते हैं कि उनकाजीवन पूरी तरह संघर्ष से भरा रहा है. पिताजी एक साधारण शिक्षक थे. नेतरहाट स्कूल में उन्होंने पढ़ाई की. जहां पर उनकी स्कूल फीस नहीं लगती थी. इसलिए वह सहजता से पढ़ाई कर पाए. इसके बाद विनोभा भावे यूनिवर्सिटी से आयुर्वेदिक की पढ़ाई की. वह हर जगह अपने दम पर पढ़ाई किए, कभी किसी पर आश्रित नहीं रहे.
इसके बाद हरिद्वार गए. जहां पर बाबा रामदेव के वेलनेस सेंटर में जाकर ट्रेनिंग ली. वहां पर पंचन्तंत्र और कई तरह के थेरेपी के बारे में जाना. एक समय था, जब हम लोग डॉक्टर का बैग ढोते थे. यहां से झालदा जाते थे, सिर्फ हाजिरी बनाने के लिए ट्रेन से हर दिन 200 किलोमीटर का सफर और एक दिन का मिलता था ₹300. वह सब दिन इतना थकाने वाला था कि आज भी याद करता हैं तो आंखों में आंसू आ जाते हैं.
बड़ी-बड़ी बीमारियां ठीक होती है यहां
उन्होंने बताया कि जो माइग्रेन से पिछले 40 साल से ग्रसित हैं या फिर घुटने की दर्द से इतना ज्यादा तकलीफ में है कि घुटने ट्रांसप्लांट की जरूरत है. ऐसे मरीज जब आते हैं और उनको दवाई और लाइफस्टाइल की बदौलत 10 से 15 दिन में एकदम आराम हो जाता है. माइग्रेन तो जड़ से खत्म हो जाती है, लेकिन हां! लोगों को अपने लाइफस्टाइल व खान-पान में बदलाव लाना होगा. जो इन चीजों को फॉलो करते हैं. उनको दोबारा आज तक यह बीमारियां लौटकर नहीं आई हैं.
उन्होंने बताया इस फील्ड में लोगों का भरोसा जीतना बहुत बड़ी चुनौती है. क्योंकि, लाइफस्टाइल और खाने के हैबिट से जब आप किसी की बीमारी ठीक करते हैं तो इसमें थोड़ा समय लगता है और सब्र चाहिए होता है, लेकिन एक बार जब कुछ लोग ठीक होने लगते हैं तो वही अब बाहर में आपकी तारीफ करने लगते हैं. मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. धीरे-धीरे लेकिन लोगों ने मुझे जाना और आज आलम है कि उनके पास समय नहीं होता है मरीजों को देखने का.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें