रिम्स में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए निदेशक डॉ. राज कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वित्तीय अनियमितता के एक मामले पर सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया। बैठक में अपर निदेशक (प्रशासन), चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में महालेखाकार झारखंड की ऑडिट टीम की रिपोर्ट पर गंभीर चर्चा हुई। ऑडिट में वाहन बिल भुगतान से संबंधित अनियमितता सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार चारपहिया वाहनों और बसों के उपयोग के स्थान पर मोटरसाइकिल के पंजीकरण नंबर अंकित कर भुगतान किए जाने का मामला उजागर हुआ है। इस मद में करीब 9.10 लाख रुपए के भुगतान का उल्लेख किया गया है। मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए संबंधित सत्यापनकर्ता सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाएगी, जिसे एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई : रिम्स प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले पदाधिकारियों या कर्मियों के पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संस्थान ने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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