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रांची के मोराबादी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय झारखंड कृषि व्यापार मेले में इस बार पलामू जिले की आधुनिक और जैविक खेती ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया. मेले में कृषि मशीनरी, नई तकनीक और कृषि उत्पादों से जुड़े करीब 300 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें पलामू का स्टॉल भी शामिल है. यहां किसानों ने काला चावल, काला हल्दी, काला मक्का समेत कई विशेष और जैविक उत्पादों का प्रदर्शन किया.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के मोराबादी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय झारखंड कृषि व्यापार मेला में इस बार पलामू जिले की आधुनिक और जैविक खेती ने खास पहचान बनाई. मेले में कृषि मशीनरी, उन्नत तकनीक और कृषि उत्पादों से जुड़े करीब 300 स्टॉल लगाए गए थे. इन सब के बीच पलामू के किसानों द्वारा प्रदर्शित विशेष कृषि उत्पाद लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे. पलामू जिले की ओर से पंडवा एफपीओ और वीकेएस एफपीओ, हुसैनाबाद के दो स्टॉल लगाए गए थे. इन स्टॉलों पर जैविक और औषधीय गुणों से भरपूर कई दुर्लभ फसलों और उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिन्हें देखने और खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.
आकर्षण का केंद्र ब्लैक राइस
वहीं, किसान प्रियरंजन सिंह ने बताया कि स्टॉल पर ब्लैक राइस (काला चावल), काला नमक चावल, लेमन ग्रास, पिपरमेंट, कुसुम तेल सहित कई विशेष उत्पाद प्रदर्शित किए गए थे. इनमें सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र ब्लैक राइस रहा. स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों ने इसे खूब पसंद किया, क्योंकि इसे पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है. किसानों के अनुसार, ब्लैक राइस में सामान्य चावल की तुलना में अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
काला अदरक, शैंपू अदरक जैसे दुर्लभ उत्पाद
वीकेएस एग्री फार्म की ओर से लगाए गए स्टॉल में पिपरमेंट, पामारोजा और विभिन्न प्रकार की जैविक फसलों का प्रदर्शन किया गया. यहां काला आलू, काला हल्दी, काला मक्का, लाल मक्का, काला चावल, जोहा चावल, कैमोमाइल हर्बल चाय, काला अदरक और शैंपू अदरक जैसे दुर्लभ और विशेष उत्पाद भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहे. किसानों ने बताया कि काला हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा सामान्य हल्दी की तुलना में काफी अधिक होती है. यही कारण है कि औषधीय गुणों के चलते इसकी मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है.
तीन क्विंटल बीज की बिक्री
वहीं, अन्य जैविक उत्पादों को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला. मेले में आए लोगों ने इन उत्पादों की जमकर खरीदारी की. किसानों के मुताबिक सबसे अधिक मांग काला धान के बीज की रही. विशेष रूप से चखाउ प्रजाति के करीब तीन क्विंटल बीज की बिक्री हुई. इसके अलावा कई किसान और कृषि उद्यमी इन विशेष फसलों की खेती को लेकर जानकारी लेते और रुचि दिखाते नजर आए.
खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद
किसानों ने बताया कि वे कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के माध्यम से इच्छुक किसानों को इन फसलों के बीज उपलब्ध करा रहे हैं. इससे जिले में जैविक, औषधीय और उच्च मूल्य वाली खेती को बढ़ावा मिलेगा. इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाने में भी मदद मिलेगी.
अब किसान पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं
झारखंड कृषि व्यापार मेले में पलामू के स्टॉल ने यह साबित कर दिया कि जिले के किसान अब पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं हैं. वे आधुनिक तकनीक, जैविक उत्पादन और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए नई फसलों की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. यही वजह है कि पलामू के इन विशेष उत्पादों ने मेले में अपनी अलग पहचान बनाई और राज्यभर के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें