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झुमरी तिलैया के अड्डी बांग्ला रोड निवासी मनोज कुमार के घर छह वर्ष पहले लगाए गए मियाजाकी आम के पेड़ में फल आए हैं. रेलवे से सेवानिवृत्त हारो यादव ने 700 रुपये में यह पौधा लगाया था. जापान की यह प्रीमियम किस्म गहरे लाल रंग, बेहतरीन मिठास और ऊंची कीमत के लिए प्रसिद्ध है.
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया शहर के अड्डी बांग्ला रोड स्थित एक घर इन दिनों खास वजह से चर्चा में है. यहां लगा मियाजाकी आम का पेड़ अब फल देने लगा है. मियाजाकी आम को दुनिया की सबसे महंगी और प्रीमियम आम की किस्मों में गिना जाता है. जापान में इसे ‘सन ऑफ एग’ यानी ‘सूर्य का अंडा’ के नाम से भी जाना जाता है.
मियाजाकी आम का पौधा
अड्डी बांग्ला रोड निवासी मनोज कुमार ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले उनके पिता हारो यादव रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे. तब उन्होंने लगभग 700 रुपये में मियाजाकी आम का पौधा खरीदकर घर के आंगन में लगाए. उस समय उन्होंने परिवार के लोगों से कहा था कि यह आम की एक बेहद खास और कीमती किस्म है, जिसका स्वाद सामान्य आमों से बिल्कुल अलग होता है.
पिता की यादों से जुड़ा है यह पेड़
परिवार के सदस्यों ने इस पौधे की नियमित रूप से देखभाल की. वर्ष 2024 में हारो यादव का निधन हो गया, लेकिन उनके द्वारा लगाया गया यह पौधा अब फल देने लगा है. इससे परिवार को उनकी यादें भी ताजा हो रही हैं. पेड़ पर लगे आकर्षक लाल रंग के आमों को देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंच रहे हैं और इसके बारे में जानकारी ले रहे हैं.
जापान के मियाजाकी प्रांत से जुड़ी है पहचान
मनोज कुमार ने बताया कि मियाजाकी आम मूल रूप से जापान के मियाजाकी प्रांत में उगाया जाता है. पकने के बाद इसका रंग गहरे लाल या रूबी जैसा हो जाता है, जो इसे अन्य आमों से अलग पहचान देता है. इसका गूदा बेहद मखमली, रसीला और सुगंधित होता है. साथ ही इसमें प्राकृतिक मिठास भी काफी अधिक होती है. फिलहाल उनके पेड़ पर करीब 200 आम लगे हुए हैं.
पोषक तत्वों से भरपूर है मियाजाकी आम
जानकारों के अनुसार, मियाजाकी आम में एंटीऑक्सीडेंट्स, बीटा-कैरोटीन, विटामिन-सी और फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. यही कारण है कि इसे स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभकारी माना जाता है. इसके स्वाद, गुणवत्ता और पोषण मूल्य के कारण दुनिया भर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
दुनिया के सबसे महंगे फलों में शामिल
सीमित उत्पादन और अधिक मांग के कारण मियाजाकी आम दुनिया के सबसे महंगे फलों में गिना जाता है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी कीमत करीब 2.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है. वहीं भारत में स्थानीय स्तर पर उगाए गए मियाजाकी आम की कीमत आमतौर पर 3,000 से 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहती है. झुमरी तिलैया में इस दुर्लभ और प्रीमियम आम के फल आने से न केवल परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि स्थानीय लोगों के बीच भी इसे लेकर खास उत्सुकता देखने को मिल रही है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें