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Agra Mashoor Lassi: उत्तर प्रदेश का आगरा शहर सिर्फ ताजमहल के लिए ही नहीं, बल्कि अपने लाजवाब और अनूठे जायके के लिए भी दुनिया भर में मशहूर है. गर्मियों के इस सीजन में आगरा के बोदला चौराहे पर स्थित 30 साल पुरानी ‘दीपू की लस्सी दुकान’ लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है. दादा और पिता की विरासत को संभाल रहे दो भाई आज भी 30 साल पुराने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के साथ ग्राहकों को लस्सी परोस रहे हैं. यहाँ मात्र 50 रुपये में मिलने वाली स्पेशल रबड़ी और ड्राई फ्रूट्स से भरपूर कुल्हड़ वाली लस्सी का क्रेज ऐसा है कि लोग दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं.
Lassi News: उत्तर प्रदेश के आगरा शहर को सिर्फ मोहब्बत की निशानी ताजमहल के लिए ही नहीं, बल्कि सुबह, दोपहर और शाम के नाश्ते का स्वाद और वैरायटी बिल्कुल अलग-अलग होती है. यही वजह है कि देश-विदेश से आगरा घूमने आने वाले पर्यटक यहां के स्थानीय खान-पान का लुत्फ उठाना कभी नहीं भूलते. इन दिनों गर्मियों के सीजन में आगरा की ‘स्पेशल कुल्हड़ वाली लस्सी’ की डिमांड सातवें आसमान पर है. वैसे तो लस्सी आपको आगरा के हर नुक्कड़ पर मिल जाएगी, लेकिन शहर में एक ऐसी प्राचीन दुकान है जो पिछले तीन दशकों से स्वाद का सम्राज्य चला रही है. इसे आगरा की सबसे भरोसेमंद और पुरानी लस्सी दुकानों में से एक माना जाता है.
आगरा के बोदला चौराहे पर स्थित इस मशहूर दुकान के वर्तमान संचालक दीपू ने बताया कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से इसी एक स्थान पर लगातार लस्सी बेच रहे हैं. यह उनके लिए सिर्फ एक व्यापार नहीं बल्कि पारिवारिक विरासत है. शुरुआत में उनके दादा और पिता दोनों मिलकर इस दुकान को चलाते थे. उनके जाने के बाद अब दीपू और उनके भाई ने इस पुश्तैनी दुकान की कमान पूरी निष्ठा के साथ संभाली हुई है.
संचालक दीपू का क्या कहना है-
‘हमारे पास दूर-दराज के इलाकों और दूसरे शहरों से लोग लस्सी पीने आते हैं. इसकी एकमात्र खास वजह यह है कि हम क्वालिटी और शुद्धता से कभी कोई समझौता नहीं करते. जैसा शुद्ध स्वाद हमारे दादाजी के जमाने में 30 साल पहले मिलता था, वही शुद्धता और गाढ़ापन हम आज भी बरकरार रखे हुए हैं. हम लस्सी बनाने के लिए केवल पूरी तरह शुद्ध और एकदम ताज़ा दही का ही इस्तेमाल करते हैं.’
₹50 के गिलास में मिलता है भरपूर माल
दुकानदार दीपू ने अपनी दुकान के सफर को याद करते हुए बताया कि जब उनके दादाजी ने यह कार्य शुरू किया था, तब महकती हुई कुल्हड़ लस्सी महज 2 से 3 रुपये के मामूली दाम में मिला करती थी. धीरे-धीरे समय बदला और महंगाई के साथ आज इसकी कीमत 40 और 50 रुपये हो गई है. यहाँ बिना रबड़ी वाली सादा लस्सी की रेट ₹40 है, जबकि ग्राहकों की पहली पसंद ‘स्पेशल रबड़ी वाली लस्सी’ की कीमत मात्र ₹50 है.
क्या है ₹50 वाली स्पेशल लस्सी का गणित?
दीपू का दावा है कि उनकी एक गिलास स्पेशल लस्सी पीने के बाद इंसान पूरे दिन सूरज की तपती धूप में भी पूरी तरह एनर्जेटिक रहेगा और उसे कमजोरी या थकान का अहसास तक नहीं होगा. इस स्पेशल लस्सी को बेहद अनोखे अंदाज में तैयार किया जाता है-
सबसे पहले शुद्ध ताज़ा दही को मथा जाता है. लस्सी के ऊपर दही की मोटी मलाई और लच्छेदार गाढ़ी रबड़ी डाली जाती है, जो इसका स्वाद दोगुना कर देती है. इसके बाद इसमें प्रचुर मात्रा में काजू, बादाम, पिस्ता, किशमिश और चिरौंजी जैसे बेहतरीन ड्राई फ्रूट्स डाले जाते हैं. स्वाद और रंगत को बढ़ाने के लिए ऊपर से लाल चेरी और खुशबूदार रूहअफजा का सिरप डाला जाता है. यहां का स्वाद चखने के बाद ग्राहक इतने खुश होते हैं कि वे न सिर्फ खुद पीते हैं बल्कि अपने परिवार के लिए भी पैक करवा कर ले जाते हैं.
शुगर मरीजों का भी खास ख्याल
आमतौर पर लोग लस्सी को सिर्फ गर्मियों का ड्रिंक मानते हैं, लेकिन बोदला चौराहे की यह 30 साल पुरानी दुकान साल के पूरे 12 महीने ग्राहकों के लिए खुली रहती है. दीपू ने बताया कि उनके कई ऐसे पक्के और शौकीन ग्राहक हैं जो कड़कड़ाती सर्दियों में भी लस्सी पीने के लिए विशेष रूप से आते हैं. हालांकि ठंड के दिनों में सीजन की तुलना में काम थोड़ा हल्का जरूर होता है, लेकिन दुकान कभी बंद नहीं होती.
इस दुकान की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह यह भी है कि यहां हर वर्ग के ग्राहक का ख्याल रखा जाता है. दीपू ने बताया कि आजकल कई लोग डायबिटीज (शुगर) की बीमारी से पीड़ित हैं. ऐसे ग्राहकों की सेहत का ध्यान रखते हुए वे उन्हें सामान्य चीनी वाली लस्सी नहीं देते, बल्कि उनके लिए बिना चीनी वाली स्पेशल ‘शुगर-फ्री लस्सी’ (Sugar-Free Lassi) तैयार करते हैं. इस खास ख्याल और बेमिसाल स्वाद की वजह से ही पिछले 30 वर्षों से दीपू की लस्सी का जादू पूरे आगरा और आसपास के क्षेत्रों में सिर चढ़कर बोल रहा है.
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