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कुछ करीबी दोस्तों के साथ मिलकर सुनीता ने ‘Tribal & Craft’ की शुरुआत की. इस स्टार्टअप की सबसे खास बात यह है कि इसमें झारखंड की पारंपरिक कला और संस्कृति को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ा गया है. यहां मिट्टी यानी क्ले से बनी खूबसूरत ज्वेलरी तैयार की जाती है, जिसमें झारखंड के प्रसिद्ध पलाश फूल, अड़हुल फूल और अन्य पारंपरिक प्रतीकों की झलक देखने को मिलती है.
जमशेदपुर: झारखंड की संस्कृति, कला और परंपराओं को आधुनिक पहचान दिलाने का काम अब जमशेदपुर की बेटी सुनीता हेंब्रम कर रही हैं. अपनी रचनात्मक सोच और कला के प्रति जुनून के दम पर उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ‘Tribal & Craft’ नामक एक स्टार्टअप की शुरुआत की है. यह स्टार्टअप न केवल स्थानीय कलाकारों को एक मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक डिजाइन के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास भी कर रहा है.
बचपन से रही कला और हस्तशिल्प में रुचि
सुनीता हेंब्रम बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही कला और हस्तशिल्प में विशेष रुचि रही है. स्कूल और कॉलेज के दिनों में भी वे विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं. समय के साथ उन्होंने अपनी कला को और बेहतर बनाने के लिए कई कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सेमिनारों में भाग लिया. इसी दौरान उन्हें ट्राइबल टैलेंट हंट जैसे मंचों से जुड़ने का अवसर मिला, जहां उनकी कलाकृतियों को लोगों ने खूब सराहा. लोगों की यही सराहना उनके लिए प्रेरणा बनी और उन्होंने अपनी कला को एक व्यवसायिक पहचान देने का फैसला किया.
क्ले ज्वेलरी में दिखती है झारखंड की पहचान
अपने कुछ करीबी दोस्तों के साथ मिलकर सुनीता ने ‘Tribal & Craft’ की शुरुआत की. इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें झारखंड की पारंपरिक कला और संस्कृति को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ा गया है. यहां मिट्टी यानी क्ले से आकर्षक और खूबसूरत ज्वेलरी तैयार की जाती है. इन आभूषणों में झारखंड के प्रसिद्ध पलाश, अड़हुल जैसे फूलों और स्थानीय सांस्कृतिक प्रतीकों की झलक देखने को मिलती है. इन उत्पादों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे पारंपरिक पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक फैशन के साथ भी पूरी तरह मेल खाएं. यही वजह है कि युवाओं के बीच इनकी मांग लगातार बढ़ रही है.
हस्तनिर्मित उत्पादों को मिल रही पहचान
स्टार्टअप में केवल ज्वेलरी ही नहीं, बल्कि की-चेन, सजावटी वस्तुएं और कई अन्य हस्तशिल्प उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं. इन उत्पादों में झारखंड की प्रसिद्ध सोहराय पेंटिंग, जनजातीय कला और स्थानीय संस्कृति की सुंदर झलक दिखाई देती है. इसके अलावा क्रोशिया (Crochet) की बारीक कलाकारी से तैयार वस्तुएं भी लोगों को काफी पसंद आ रही हैं. हर उत्पाद पूरी तरह हस्तनिर्मित होता है, जिससे उसमें स्थानीय कला और कारीगरों की मेहनत साफ दिखाई देती है. यही विशेषता इन उत्पादों को बाजार में मिलने वाले सामान्य उत्पादों से अलग बनाती है.
पेंटिंग्स में झलकती है झारखंड की संस्कृति
सुनीता और उनकी टीम केवल आभूषण और सजावटी सामान तक सीमित नहीं है. वे आकर्षक पेंटिंग्स भी तैयार कर रहे हैं, जिनमें झारखंड की प्रकृति, जनजातीय संस्कृति और लोकजीवन की खूबसूरत तस्वीर दिखाई देती है. ये पेंटिंग्स घरों, कार्यालयों और अन्य स्थानों की सजावट के लिए लोगों की पसंद बन रही हैं. साथ ही, उपहार के रूप में भी इनकी मांग बढ़ रही है.
स्थानीय कला को मिल रहा नया मंच
‘Tribal & Craft’ आज इस बात का उदाहरण बन चुका है कि यदि स्थानीय कला और संस्कृति को सही मंच तथा आधुनिक प्रस्तुति मिले तो वह वैश्विक पहचान हासिल कर सकती है. सुनीता हेंब्रम की यह पहल न केवल झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रही है, बल्कि स्थानीय कलाकारों और युवाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा, मेहनत और नवाचार के बल पर स्थानीय कला को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है. साथ ही, अपनी जड़ों से जुड़े रहकर भी रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें