भास्कर न्यूज | धालभूमगढ़ पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ प्रखंड में अधिकारियों की भारी लापरवाही और सरकारी राशि के दुरुपयोग का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। एक तरफ रावताड़ा पंचायत सहित आसपास के इलाकों के लोग आज भी जर्जर सड़क और पुल न होने के कारण भारी परेशानियां झेल रहे हैं। दूसरी ओर अधिकारियों ने झारखंड के पैसों से पश्चिम बंगाल की भूमि पर करोड़ों रुपए की लागत से एक उच्च स्तरीय पुल बना दिया है। यह पुल ग्रामीण विकास विभाग की ओर से 2,30,96,991 रुपए की लागत से बनाया गया है। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि सरकारी नियमों को ताक पर रखते हुए योजना स्थल पर कोई सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया। निर्माण कार्य गुपचुप तरीके से पूरा कर लिया गया। बंगाल के सूर्यानाला पर बना पुल, स्थानीय लोग अनजान : यह पुल धालभूमगढ़ प्रखंड के हातीबारी मौजा के समीप, पश्चिम बंगाल सीमा क्षेत्र में झाड़ग्राम जिला अंतर्गत बेलपहाड़ी अंचल के वीरमादोल ग्राम मौजा स्थित सूर्यानाला पर बनाया गया है। यह पुल हातीबाड़ी और वीरमादोल गांव को जोड़ने का काम कर रहा है। सूचना बोर्ड न होने के कारण आम लोगों को यह पता नहीं है कि पुल किस योजना के तहत बना है, कितनी लागत से बना है और किस राज्य ने बनवाया है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य कर रही एजेंसी के ठेकेदार से कई बार सूचना बोर्ड लगाने की मांग की गई, लेकिन उसने जानबूझकर बोर्ड नहीं लगाया। ग्रामीणों का दावा है कि पुल का शिलान्यास भी निर्माण स्थल पर नहीं किया गया था। निर्माण के दौरान जब पश्चिम बंगाल के अधिकारी जायजा लेने आए थे, तब बंगाल सीमा के आसपास के लोगों ने उनका जमकर विरोध किया था। घेराव भी किया था।
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