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Agriculture News: प्याज उत्पादकों के लिए एक बड़ी निराशाजनक खबर सामने आई है. कृषि विभाग की अनुदान योजना के तहत बड़ी संख्या में किसानों ने आवेदन किया, लेकिन उपलब्ध बजट और निर्धारित पात्रता के कारण करीब 30 हजार आवेदनों में से केवल 600 किसानों को ही अनुदान का लाभ मिल सकेगा. इससे हजारों प्याज उत्पादकों की उम्मीदों को झटका लगा है. किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में अनुदान की सीमित संख्या ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में बजट बढ़ाया जाए और अधिक किसानों को योजना का लाभ मिले.
Agriculture News: अनुदान की उम्मीद में आधुनिक और हाईटेक खेती अपनाने वाले किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. कृषि एवं उद्यान निदेशालय ने सीकर जिले में संचालित आधा दर्जन योजनाओं के लिए लक्ष्य जारी कर दिए हैं, लेकिन उपलब्ध लक्ष्य आवेदनों की तुलना में बेहद कम हैं. इससे बड़ी संख्या में किसानों को सरकारी सहायता मिलने की संभावना कम हो गई है.
जिले में विभिन्न कृषि और उद्यान योजनाओं के तहत कुल 48,434 किसानों ने आवेदन किए हैं. हालांकि जारी किए गए लक्ष्यों के अनुसार केवल करीब 2,500 किसानों को ही अनुदान का लाभ मिल सकेगा।l. इसका सीधा मतलब है कि 45 हजार से अधिक किसान इस बार सरकारी सहायता से वंचित रह सकते हैं, जिससे किसानों में निराशा का माहौल है.
सबसे बड़ा असर प्याज उत्पादक किसानों पर पड़ेगा. सीकर प्रदेश में सबसे अधिक प्याज उत्पादन करने वाला जिला है. यहां लगभग 30 हजार किसानों ने प्याज भंडारण गोदाम के लिए अनुदान योजना में आवेदन किया है, लेकिन सरकार ने फिलहाल केवल 600 किसानों के लिए ही लक्ष्य निर्धारित किया है. इससे अधिकांश किसानों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं.
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प्याज भंडारण योजना किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. भंडारण की सुविधा मिलने पर किसान बाजार में उचित कीमत मिलने तक प्याज को सुरक्षित रख सकते हैं. इससे उन्हें कम दाम पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहती और आय बढ़ाने का अवसर मिलता है.
इस योजना के तहत सरकार प्रति इकाई प्याज भंडारण गोदाम निर्माण के लिए अधिकतम 87,500 रुपए तक का अनुदान प्रदान करती है. इस प्रकार का गोदाम लगभग 500 टन प्याज के सुरक्षित भंडारण की क्षमता रखता है. पिछले वर्ष जिले में 700 किसानों को इस योजना का लाभ मिला था, लेकिन इस बार लक्ष्य घटाकर 600 कर दिया गया है.
संयुक्त निदेशक कृषि मोहन सिंह बिजारणिया ने बताया कि वर्तमान में उपलब्ध लक्ष्यों के अनुसार ही चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी. उन्होंने कहा कि नियमानुसार वरीयता और लॉटरी प्रणाली के आधार पर पात्र किसानों का चयन होगा. विभाग को उम्मीद है कि अतिरिक्त लक्ष्य मिलने पर अधिक किसानों को अनुदान का लाभ दिलाया जा सकेगा.