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कार खरीदने से बेहतर है इस कृषि बिजनेस में लगाएं पैसा, फिर...


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कार खरीदने से बेहतर है इस बिजनेस में लगाएं पैसा, कमाई से हर साल बदलेंगे गाड़ी

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मधुमक्खी पालन युवाओं के लिए कमाई का जरिया बन रहा है. एक लाख रुपये के निवेश से 100 बक्सों के साथ इसकी शुरुआत की जा सकती है. इससे सालाना 4 से 5 लाख रुपये तक की आय संभव है. उचित देखभाल से इस व्यवसाय में कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है.

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पलामूः आज के समय में बिजनेस आइडिया के साथ कौन नहीं आगे बढ़ना चाहता है. यदि आप खेती या ग्रामीण क्षेत्र में कम लागत में अच्छा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो मधुमक्खी पालन एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. जिस राशि से लोग महंगी कार खरीदते हैं, उसी निवेश का एक हिस्सा मधुमक्खी पालन में लगाकर हर साल लाखों रुपये की कमाई की जा सकती है. बाजार में प्राकृतिक शहद की बढ़ती मांग और सरकार की विभिन्न योजनाओं के कारण यह व्यवसाय तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. सही प्रशिक्षण और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान कम समय में अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं.

इटालियन मधुमक्खी शहद उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त
मधुमक्खी पालक विकास कुमार ने लोकल18 को बताया कि इटालियन मधुमक्खी शहद उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त प्रजातियों में से एक मानी जाती है. यदि कोई व्यक्ति महंगी कार खरीदने की बजाय करीब एक लाख रुपये का निवेश मधुमक्खी पालन के बक्सों में करे, तो वह लगभग 100 बक्सों से इस व्यवसाय की शुरुआत कर सकता है. इन बक्सों से प्राप्त शहद की बिक्री कर सालाना 4 से 5 लाख रुपये तक की आय अर्जित की जा सकती है. यही वजह है कि आज मधुमक्खी पालन ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए एक लाभदायक बिजनेस मॉडल बनकर उभर रहा है.

उन्होंने बताया कि मधुमक्खियों से सालभर अलग-अलग मौसम में शहद प्राप्त किया जा सकता है. बरसात के बाद बनतुलसी के फूलों से उत्कृष्ट गुणवत्ता का शहद तैयार होता है, जबकि गर्मी के मौसम में जामुन के फूलों से शहद निकाला जाता है. मौसम और फूलों की उपलब्धता के अनुसार शहद का स्वाद, रंग और गुणवत्ता भी बदलती रहती है, जिससे बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है.

एक बक्सा से एक बार में निकलता 5 किलो शहद
विकास कुमार ने आगे बताया कि मधुमक्खियां अनुकूल वातावरण मिलने पर लगभग एक सप्ताह में शहद तैयार कर देती हैं. एक बक्से से एक बार में औसतन करीब 5 किलोग्राम शहद निकाला जा सकता है. गर्मी के दिनों में चींटियों से बचाव सबसे बड़ी चुनौती होती है. इसके लिए बक्सों को जमीन पर रखने के बजाय बांस या स्टैंड पर ऊंचाई पर रखा जाता है, जिससे चींटियां आसानी से बक्सों तक नहीं पहुंच पातीं. उनका कहना है कि उचित देखभाल, समय पर शहद निकासी और सही विपणन के साथ मधुमक्खी पालन किसानों और युवाओं के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला सफल व्यवसाय साबित हो सकता है.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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