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Bokaro Monsoon Reel Hotspot: बोकारो थर्मल पावर प्लांट (बीटीपीएस) मानसून में पर्यटकों और रील क्रिएटर्स के लिए पसंदीदा जगह बन गया है. यहां की हरियाली और शांत माहौल फोटोग्राफी के लिए काफी शानदार ऑप्शन है. युवाओं को खासतौर पर यह जगह बेहद पसंद आती है.
बोकारो. अगर आप मानसून में बोकारो के आसपास किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं, जहां प्राकृतिक खूबसूरती, शांत माहौल और फोटोग्राफी व रील बनाने के लिए बेहतरीन लोकेशन हो, तो ऐसे में बेरमो में स्थित बोकारो थर्मल पावर प्लांट (बीटीपीएस) का स्पॉट आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है. चारों ओर खूबसूरत हरियाली, बहती जलधारा और मनमोहक प्राकृतिक नजारों से घिरा यह स्थान इन दिनों स्थानीय पर्यटकों के साथ-साथ सोशल मीडिया रील क्रिएटर्स की भी पहली पसंद बना हुआ है.
मानसून में मनमोहक होता नजारा
मानसून के दौरान बोकारो थर्मल पावर प्लांट के आसपास का नजारा और भी मनमोहक हो जाता है. प्लांट के सामने स्थित विवेकानंद सेतु पुल से इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है. चारों ओर फैली हरियाली, बहती जलधारा और शांत वातावरण इस जगह के आकर्षण को कई गुना बढ़ा देते हैं. यही वजह है कि बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ यहां सुकून के पल बिताने पहुंचते हैं.
युवाओं के बीच लोकप्रिय
इसके अलावा यह स्पॉट सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और रील क्रिएटर्स के बीच काफी लोकप्रिय है, जहां हर दिन कई युवा ट्रेंडिंग रील, सिनेमैटिक वीडियो और फोटोशूट करते नजर आते हैं. वहीं, बोकारो थर्मल पावर प्लांट की विशाल चिमनी लैंडमार्क के रूप में वीडियो को और भी आकर्षक बनाती है, जिस कारण यहां शूट किए गए कई वीडियो सोशल मीडिया पर हजारों से लेकर लाखों व्यूज प्राप्त करते हैं.
वहीं, प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह स्पॉट बेहद खास है, जहां सुबह और शाम के समय यहां का शांत वातावरण लोगों को मानसिक सुकून का एहसास कराता है. मानसून में नदी की लहरों के बीच बैठकर लोग प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेते हैं.
बारिश में घूमने का मजा ही कुछ और
यहां घूमने आए पर्यटक दिलशाद और अभिजीत ने बताया कि बोकारो थर्मल पावर प्लांट के आसपास का प्राकृतिक वातावरण बेहद खूबसूरत है. खासकर बारिश के मौसम में यहां की हरियाली और नदी का दृश्य मन मोह लेता है. यह जगह फोटोग्राफी और वीडियो शूट के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन है.
सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं
बोकारो थर्मल पावर प्लांट का महत्व केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्लांट ऐतिहासिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है. इसकी स्थापना 1952 में हुई थी और इसे एशिया के शुरुआती बहुउद्देशीय थर्मल पावर प्लांटों में गिना जाता है. इस परियोजना का उद्घाटन 21 फरवरी 1953 को तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया था. वहीं, बोकारो थर्मल पावर प्लांट पहुंचने के लिए कथारा और गोमिया सड़क मार्ग के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें