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भास्कर न्यूज | दुमका शहर के जोहार सभागार में बुधवार को संथाल परगना जोन की क्षेत्रीय स्तरीय ग्राम सभा फेडरेशन समिति की एक दिवसीय छमाही बैठक हुई। बैठक में प्रमंडल के पांच जिलों से आए फेडरेशन सदस्यों ने अपने क्षेत्रों की समस्याएं रखीं और समाधान पर चर्चा की। आयोजन संवाद झारखंड ने किया। अध्यक्षता जनमत शोध संस्थान के सचिव अशोक सिंह ने की। सामाजिक व पर्यावरण विशेषज्ञ और जुड़ाव संस्था के संस्थापक घनश्याम ने पेसा नियमावली के क्रियान्वयन को लेकर ग्राम सभाओं की भूमिका पर बात रखी। उन्होंने कहा कि संथाल परगना के चार जिले पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आते हैं। झारखंड सरकार ने पेसा नियमावली लागू कर दी है, लेकिन इसे जमीन पर उतारने के लिए ग्राम सभाओं को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों में पेसा कानून को लेकर जागरूकता की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने लघु वनोपज, खनिज राजस्व और गांव से निकलने वाली बालू के राजस्व में ग्राम सभा की हिस्सेदारी की मांग भी रखी। प्रतिनिधियों ने बताया कि बारिश नहीं होने से खेतों में तैयार बिचड़े सूख रहे हैं। उन्होंने अंधाधुंध बालू उठाव से नदियों का जलस्तर घटने और खेतों में पानी नहीं ठहरने की समस्या भी बताई। फेडरेशन की राज्य स्तरीय संयोजक ऐनी टुडू ने पांचों जिलों से आए मुद्दों पर चर्चा कर आगे की रणनीति बताई। बैठक में रांची में हुए तीन दिवसीय संवाद की रजत जयंती कार्यक्रम की समीक्षा की गई। तय हुआ कि फेडरेशन आगे महिलाओं और युवाओं के रोजगार व कौशल विकास पर काम करेगा। प्रवासी मजदूरों, नशापान, ग्राम सभा के सशक्तीकरण और संयोजक चयन जैसे मुद्दों पर भी रोडमैप तैयार किया गया।
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